अब ‘इम्तिहान’ से तय होगी थानेदारों की कुर्सी!भोपाल पुलिस का नया फॉर्मूला: हर महीने 1000 अंकों की ग्रेडिंग, लगातार 3 बार खराब प्रदर्शन पर हट सकती है जिम्मेदारी
कलयुग की कलम से राकेश यादव

अब ‘इम्तिहान’ से तय होगी थानेदारों की कुर्सी!भोपाल पुलिस का नया फॉर्मूला: हर महीने 1000 अंकों की ग्रेडिंग, लगातार 3 बार खराब प्रदर्शन पर हट सकती है जिम्मेदारी
कलयुग की कलम उमरिया पान– राजधानी में पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में पुलिस कमिश्नरेट ने एक नई पहल शुरू की है। इस व्यवस्था के तहत अब थाना प्रभारियों के कार्यों का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा। प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाएंगे और लगातार कमजोर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
नई प्रणाली में थाना प्रभारियों की कार्यकुशलता को विभिन्न पुलिसिंग मानकों के आधार पर परखा जाएगा। इसके लिए कुल 1000 अंकों का मूल्यांकन प्रारूप तैयार किया गया है, जिसमें अपराध नियंत्रण, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, वारंटों की तामिली, नशे के विरुद्ध कार्रवाई, निगरानीशुदा अपराधियों पर नियंत्रण तथा गंभीर अपराधों की विवेचना जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है।
22 प्रमुख मानकों पर होगी परख
पुलिस विभाग द्वारा तैयार की गई ग्रेडिंग व्यवस्था में थाना स्तर पर किए जा रहे कार्यों का विस्तृत आकलन किया जाएगा। इसमें विशेष रूप से—फरार अपराधियों की गिरफ्तारी,स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंटों का निष्पादन,नशे और अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई,जिलाबदर एवं निगरानीशुदा बदमाशों की निगरानी,गंभीर अपराधों की विवेचना और नियंत्रण,कानून-व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता जैसे बिंदुओं को प्रमुखता दी गई है।
लापरवाही पर कटेंगे अंक
नई व्यवस्था की विशेषता यह है कि केवल उपलब्धियों पर ही अंक नहीं मिलेंगे, बल्कि लापरवाही या कमजोर प्रदर्शन पर अंक भी काटे जाएंगे। यदि किसी थाना क्षेत्र का फरार आरोपी दूसरे थाने की टीम द्वारा गिरफ्तार किया जाता है या अपराधियों की निगरानी में कमी पाई जाती है, तो संबंधित थाने के अंक कम किए जा सकते हैं।
उत्कृष्ट कार्य पर मिलेगा अतिरिक्त लाभ
दूसरी ओर, अपराधियों की प्रभावी गिरफ्तारी, संगीन मामलों में सशक्त पैरवी और उल्लेखनीय पुलिस कार्रवाई करने वाले थाना प्रभारियों एवं उनकी टीमों को अतिरिक्त अंक देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस माह से शुरू होगा परीक्षण
पुलिस अधिकारियों को इस नई व्यवस्था की जानकारी विस्तार से दी जा चुकी है। प्रारंभिक चरण में इसका परीक्षण शुरू किया जाएगा, जिसके बाद प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन को नियमित प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जा सकता है।
जवाबदेही और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अंक आधारित प्रणाली से थाना स्तर पर जवाबदेही बढ़ेगी, कार्यों की नियमित समीक्षा होगी और बेहतर पुलिसिंग को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही पुलिस कर्मियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल भी तैयार होगा।



