जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंजा खितौला: धूमधाम से निकली भगवान की घर वापसी रथयात्रा, श्रद्धालुओं ने खींचा आस्था का रथ
कलयुग की कलम से राकेश यादव

जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंजा खितौला: धूमधाम से निकली भगवान की घर वापसी रथयात्रा, श्रद्धालुओं ने खींचा आस्था का रथ
कलयुग की कलम सिहोरा (खितौला) – आस्था, श्रद्धा और भक्तिभाव के अद्भुत संगम के बीच भगवान श्री जगन्नाथ की घर वापसी रथयात्रा शुक्रवार को खितौला में पूरे धार्मिक उल्लास के साथ निकाली गई। मौसी के घर प्रवास पूर्ण करने के बाद भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की वापसी यात्रा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे नगर में “जय जगन्नाथ” के जयघोष, भजन-कीर्तन और शंखध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
रथयात्रा का शुभारंभ नरसिंह मंदिर से हुआ। सजे-धजे रथ पर विराजमान भगवान के दर्शन के लिए मार्गभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ रथ को खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया। यात्रा जिस मार्ग से गुजरी, वहां श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पुष्प अर्पित किए और मंगलकामनाएं कीं।
रथयात्रा में पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। भक्ति गीतों और कीर्तन की स्वर लहरियों के बीच पूरा खितौला आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। नगरवासियों ने जगह-जगह भगवान का स्वागत कर यात्रा को भव्य स्वरूप प्रदान किया।
बारी बहू स्टेडियम के समीप रथयात्रा का समापन हुआ, जहां भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य महाआरती संपन्न हुई। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक धार्मिक विधि-विधान के साथ भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा को पुनः मंदिर में विराजमान कराया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लेकर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
रथयात्रा के सफल आयोजन में मंदिर समिति, स्वयंसेवकों और नगरवासियों का उल्लेखनीय सहयोग रहा। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। भगवान श्री जगन्नाथ की घर वापसी रथयात्रा ने एक बार फिर खितौला को भक्ति, संस्कृति और धार्मिक आस्था के रंग में सराबोर कर दिया।



