आधी रात में खाकी बनी जिंदगी की ढाल, मासूम की मदद को दौड़े आरक्षक संजय यादव,ड्यूटी के बीच बच्ची को रक्त की जरूरत का पता चला तो बिना देर किए किया रक्तदान, परिजनों ने कहा—ऐसे पुलिसकर्मी पर गर्व है
कलयुग की कलम से राकेश यादव

आधी रात में खाकी बनी जिंदगी की ढाल, मासूम की मदद को दौड़े आरक्षक संजय यादव,ड्यूटी के बीच बच्ची को रक्त की जरूरत का पता चला तो बिना देर किए किया रक्तदान, परिजनों ने कहा—ऐसे पुलिसकर्मी पर गर्व है
कलयुग की कलम कटनी – वर्दी केवल कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जरूरत के वक्त इंसानियत के साथ खड़े होने का जज्बा भी है। इसका शानदार उदाहरण पुलिस चौकी झिंझरी, थाना माधवनगर में पदस्थ आरक्षक संजय यादव ने पेश किया। आधी रात को जब एक मासूम बच्ची को तत्काल रक्त की आवश्यकता थी और उसके परिजन रक्त की व्यवस्था को लेकर परेशान थे, तब आरक्षक संजय यादव ने बिना किसी संकोच के स्वयं रक्तदान कर बच्ची की मदद के लिए हाथ बढ़ाया।
जानकारी के अनुसार आरक्षक संजय यादव रात करीब 2:30 बजे शासकीय अस्पताल में एमएलसी के सिलसिले में पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें अस्पताल में भर्ती एक बच्ची के लिए तत्काल रक्त की आवश्यकता होने की जानकारी मिली। बच्ची के परिजन रक्त की व्यवस्था के लिए परेशान थे। हालात को देखते हुए आरक्षक संजय यादव ने समय गंवाए बिना स्वयं रक्तदान करने का निर्णय लिया और तत्काल रक्तदान कर मासूम की मदद की।
आरक्षक संजय यादव के इस कदम से बच्ची के परिजनों को बड़ी राहत मिली। उन्होंने पुलिसकर्मी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके सेवा भाव की सराहना की। आधी रात में अपनी ड्यूटी के बीच एक अनजान जरूरतमंद बच्ची के लिए रक्तदान करना यह दर्शाता है कि खाकी के भीतर संवेदनशील दिल भी धड़कता है।
संजय यादव का यह मानवीय कार्य पुलिस की उस सकारात्मक तस्वीर को सामने लाता है, जिसमें कानून की रक्षा के साथ-साथ जरूरतमंद की जिंदगी बचाने और संकट की घड़ी में इंसान के साथ खड़े होने का जज्बा भी दिखाई देता है। उनके इस कार्य की क्षेत्र में सराहना हो रही है। ऐसे पुलिसकर्मी न केवल विभाग का सम्मान बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में मानवता, सेवा और संवेदनशीलता की मिसाल भी कायम करते हैं।



