धान कटाई में नियमों का उल्लंघन, हार्वेस्टर जब्त बिना SMS धान कटाई करते पकड़ा गया हार्वेस्टर, जिले की पहली FIR दर्ज! उमरियापान पुलिस ने चालक और मालिक पर की कार्रवाई, बीएनएस की धारा 223 के तहत मामला दर्ज; नरवाई जलाने पर रोक के बीच किसानों की बढ़ी मुश्किलें, समय पर कटाई नहीं होने से फसल और अगली बोनी को लेकर चिंता
कलयुग की कलम से राकेश यादव

धान कटाई में नियमों का उल्लंघन, हार्वेस्टर जब्त बिना SMS धान कटाई करते पकड़ा गया हार्वेस्टर, जिले की पहली FIR दर्ज! उमरियापान पुलिस ने चालक और मालिक पर की कार्रवाई, बीएनएस की धारा 223 के तहत मामला दर्ज; नरवाई जलाने पर रोक के बीच किसानों की बढ़ी मुश्किलें, समय पर कटाई नहीं होने से फसल और अगली बोनी को लेकर चिंता
कलयुग की कलम उमरिया पान – जिले में नरवाई जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। बिना स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) अथवा स्ट्रॉ रीपर के हार्वेस्टर से धान की कटाई करने पर उमरियापान पुलिस ने जिले की पहली एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने हार्वेस्टर जब्त कर चालक और वाहन मालिक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर की गई।
हालांकि, नरवाई जलाने पर रोक और नियमों के पालन की अनिवार्यता के बीच किसानों के सामने धान की समय पर कटाई कराने की चुनौती भी खड़ी हो गई है। हार्वेस्टर की उपलब्धता और कटाई में देरी से किसान परेशान हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों की परेशानी दूर करने की भी जिम्मेदारी है।
मुखबिर की सूचना पर खेत में पहुंची पुलिस
उपसंचालक कृषि के अनुसार, 1 नवंबर को सूचना मिली थी कि ग्राम सहलावन पिपरिया में बिना स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम के हार्वेस्टर से धान की कटाई की जा रही है। सूचना पर उमरियापान पुलिस मौके पर पहुंची। यहां सुनील कोल के खेत में हरे रंग के हार्वेस्टर क्रमांक एमपी-04-डब्ल्यूए-8442 से धान की कटाई होते मिली।
जांच के दौरान हार्वेस्टर में न तो स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) लगा पाया गया और न ही बेलर मौजूद था। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हार्वेस्टर को जब्त कर लिया।
चालक और मालिक के खिलाफ मामला दर्ज
पूछताछ में हार्वेस्टर चालक शेख हलीम (36), निवासी ग्राम अल्ली, जिला रायसेन ने वाहन में एसएमएस नहीं होने की बात स्वीकार की। उसने हार्वेस्टर का मालिक जितेन्द्र कुमार, निवासी रायसेन को बताया।
पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में हार्वेस्टर जब्त कर थाना परिसर में सुरक्षार्थ खड़ा कराया। प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर चालक शेख हलीम और हार्वेस्टर मालिक जितेन्द्र कुमार के विरुद्ध बीएनएस की धारा 223 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
14 अक्टूबर से नरवाई जलाने पर प्रतिबंध
कलेक्टर आशीष तिवारी ने 14 अक्टूबर को जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया था। आदेश में बिना स्ट्रॉ रीपर अथवा स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) के हार्वेस्टर से फसलों की कटाई करने पर हार्वेस्टर मालिकों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का उद्देश्य फसल अवशेषों को जलाने से होने वाले प्रदूषण और खेतों की मिट्टी को नुकसान से बचाना है। इसके लिए किसानों और हार्वेस्टर संचालकों को नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई है।
नियमों की सख्ती के बीच किसानों की परेशानी भी समझे प्रशासन
धान की कटाई का समय किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। फसल पकने के बाद मौसम, मजदूरों की उपलब्धता और अगली रबी फसल की बोनी को ध्यान में रखते हुए किसान जल्द से जल्द कटाई कराना चाहते हैं। ऐसे में हार्वेस्टर की उपलब्धता कम होने या नियमों के अनुरूप मशीन नहीं मिलने से किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है।
किसानों का हित भी शासन-प्रशासन की प्राथमिकता में होना चाहिए। नरवाई जलाने पर रोक पर्यावरण और मिट्टी के संरक्षण के लिए जरूरी है, लेकिन इसके साथ ऐसी व्यवस्था भी बनाई जानी चाहिए कि किसानों को समय पर कटाई के लिए हार्वेस्टर उपलब्ध हो सकें। एसएमएस युक्त हार्वेस्टर की पर्याप्त संख्या, कृषि विभाग के माध्यम से मशीनों की उपलब्धता की जानकारी और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
किसानों की मेहनत से तैयार फसल समय पर घर पहुंचे और नियमों का पालन भी हो, इसके लिए प्रशासन को दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाना होगा। किसानों को परेशानी से बचाते हुए नरवाई प्रबंधन के प्रभावी उपाय किए जाएं, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ खेती-किसानी का नुकसान भी न हो।
कृषि विभाग की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि जिले में पराली जलाना प्रतिबंधित है। किसान फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करते हुए उन्हें जलाए बिना रबी फसलों की बोनी करें। वहीं, सभी हार्वेस्टर मालिकों से स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम का अनिवार्य रूप से उपयोग करते हुए ही फसल कटाई करने की अपील की गई है।



