जनसुनवाई में उमड़ी फरियादियों की भीड़, 122 आवेदकों की समस्याएं सुन अधिकारियों ने दिए निराकरण के निर्देश,किसी ने मांगी इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड की मदद, तो किसी ने आवास के लिए भूमि; अवैध शराब-गांजा बिक्री पर रोक लगाने की भी उठी मांग
कलयुग की कलम से राकेश यादव

जनसुनवाई में उमड़ी फरियादियों की भीड़, 122 आवेदकों की समस्याएं सुन अधिकारियों ने दिए निराकरण के निर्देश,किसी ने मांगी इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड की मदद, तो किसी ने आवास के लिए भूमि; अवैध शराब-गांजा बिक्री पर रोक लगाने की भी उठी मांग
कलयुग की कलम कटनी – जिले में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 122 आवेदकों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर आयोजित जनसुनवाई में अधिकारियों ने आवेदकों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन का तथ्यात्मक परीक्षण कर नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा, एसडीएम कटनी जितेन्द्र पटेल, डिप्टी कलेक्टर ज्योति लिल्हारे सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
किसी ने मांगी आर्थिक सहायता, तो किसी ने उठाया अवैध शराब बिक्री का मुद्दा
जनसुनवाई के दौरान ग्राम पंचायत वरनमहगवां निवासी राममनोहर कोल ने मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के तहत सहायता राशि दिलाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं बरही निवासी माकती उपाध्याय ने गौशाला निर्माण के लिए आर्थिक अनुदान उपलब्ध कराने की मांग की।
ग्राम बरहटा निवासी अजय कुमार गुप्ता ने विजयराघवगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब एवं गांजा की बिक्री पर रोक लगाने के लिए आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की आवश्यकता बताई।
समग्र आईडी, आवास और इलाज के लिए भी पहुंचे आवेदन
ग्राम कनोर निवासी अवधेश सिंह ने समग्र आईडी में आधार लिंक कराने के संबंध में आवेदन दिया। वहीं ग्राम खम्हरिया निवासी मनोज कुमार रैदास ने आवास के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग रखी।
कटनी निवासी संजीव कुमार यादव ने अपनी पुत्री शिवांगी यादव के उपचार के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया।
अधिकारियों को निराकरण के निर्देश
जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों पर अधिकारियों ने संबंधित विभागों को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने आवेदकों की समस्याओं का परीक्षण कर पात्रतानुसार निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।



