गांव की सड़क बनी मुसीबत, नाली अधूरी और रास्ते में गड्ढों का जाल! ग्रामीणों ने जनसुनवाई में कलेक्टर से लगाई गुहार,पिण्डरई में अधूरे निर्माण ने बढ़ाई ग्रामीणों की परेशानी, बारिश में जलभराव से थम जाता है आवागमन; झाड़ियों और जर्जर सड़क से हादसों का खतरा
कलयुग की कलम से राकेश यादव

गांव की सड़क बनी मुसीबत, नाली अधूरी और रास्ते में गड्ढों का जाल! ग्रामीणों ने जनसुनवाई में कलेक्टर से लगाई गुहार,पिण्डरई में अधूरे निर्माण ने बढ़ाई ग्रामीणों की परेशानी, बारिश में जलभराव से थम जाता है आवागमन; झाड़ियों और जर्जर सड़क से हादसों का खतरा
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – ग्राम पिण्डरई में अधूरे सड़क एवं नाली निर्माण ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव की सड़क बदहाल है, जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश के दिनों में हालात और बिगड़ जाते हैं। लंबे समय से समस्या झेल रहे ग्रामीणों ने अब प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। ग्राम पंचायत पिण्डरई के ग्रामीणों ने जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन सौंपकर अधूरे निर्माण कार्यों को पूरा कराने और जर्जर सड़क की मरम्मत कराने की मांग उठाई है।
ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि ढीमरखेड़ा से विरासन पाली मार्ग का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कराया गया था। यह सड़क ग्राम पिण्डरई के बीच से होकर गुजरती है, लेकिन मुख्य मार्ग का निर्माण होने के बावजूद गांव की सीमा के भीतर सड़क और पक्की नाली का काम अधूरा छोड़ दिया गया। नतीजतन गांव में जलनिकासी की समस्या लगातार बनी हुई है और लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश में सड़क पर भरता पानी, बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी मुश्किलें
ग्रामीणों के मुताबिक बारिश होते ही सड़क पर पानी जमा हो जाता है। ऐसे में स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को आवागमन में काफी दिक्कत होती है। वहीं सड़क की लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। सड़क के दोनों ओर उगी घनी झाड़ियां रास्ते को संकरा कर रही हैं। इससे आमने-सामने से आने वाले वाहनों को निकलने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
कलेक्टर से लगाई गुहार, अधूरे निर्माण को पूरा कराने की मांग
जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने मांग की है कि पिण्डरई में अधूरे पड़े सड़क एवं पक्की नाली निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा कराया जाए। साथ ही जर्जर सड़क की मरम्मत कराकर डामरीकरण किया जाए और मार्ग के दोनों ओर फैली झाड़ियों की सफाई कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस समस्या पर प्रशासन कब तक संज्ञान लेकर निर्माण कार्यों को पूरा कराता है।



