राजस्व विभाग में लापरवाही बर्दाश्त नहीं”: कलेक्टर श्री तिवारी के सख्त तेवर,समय-सीमा में प्रकरण निपटाने के निर्देश, फौती नामांतरण से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक अधिकारियों की ली क्लास
कलयुग की कलम से राकेश यादव

“राजस्व विभाग में लापरवाही बर्दाश्त नहीं”: कलेक्टर श्री तिवारी के सख्त तेवर,समय-सीमा में प्रकरण निपटाने के निर्देश, फौती नामांतरण से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक अधिकारियों की ली क्लास
कलयुग की कलम कटनी – जिले में राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने शनिवार को राजस्व विभाग की व्यापक समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में लंबित राजस्व प्रकरणों, पीएम किसान योजना, जनगणना कार्य, फॉर्मर आईडी निर्माण, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों एवं राजस्व अभिलेखों के डिजिटाइजेशन सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में सहायक कलेक्टर श्लोक वाइकर, संयुक्त कलेक्टर जितेंद्र पटेल, जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रत्येक राजस्व अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ करें। उन्होंने चेतावनी दी कि समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पीएम किसान योजना में कोई पात्र किसान न छूटे
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी पात्र भू-स्वामियों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हल्का पटवारी से प्रमाण-पत्र लिया जाए कि उसके क्षेत्र का कोई भी पात्र किसान योजना से वंचित नहीं है।
जनगणना कार्य में कटनी ने बनाया रिकॉर्ड
बैठक में बताया गया कि जनगणना 2027 के अंतर्गत जिले में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बंद पाए गए 620 मकानों का पुनः सर्वे कर 30 मई से पहले जानकारी अपडेट की जाए।
हर नए भूमिस्वामी की बनेगी फॉर्मर आईडी
फॉर्मर आईडी निर्माण की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि तहसीलवार भूमि रजिस्ट्रियों की जानकारी लेकर प्रत्येक नए भूमिस्वामी का तत्काल पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। एसडीएम को नियमित मॉनिटरिंग कर प्रगति रिपोर्ट लेने के निर्देश भी दिए गए।
फौती नामांतरण के लंबित प्रकरणों पर नाराजगी
राजस्व वसूली एवं नामांतरण मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि फौती नामांतरण के एक भी प्रकरण लंबित नहीं रहने चाहिए। विशेषकर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिक राजस्व वसूली वाले गांवों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
जायद गिरदावरी में पारदर्शिता के निर्देश
कलेक्टर ने कहा कि मूंग एवं उड़द फसलों की जायद गिरदावरी पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ की जाए। रिकॉर्ड में केवल वास्तविक रूप से बोई गई फसल ही दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने पटवारियों के कार्यों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए।
सीएम हेल्पलाइन पर प्रशासन की साख दांव पर
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि प्रशासन की कार्यशैली और संवेदनशीलता का प्रतिबिंब है। उन्होंने लंबित शिकायतों के समाधान के लिए विशेष अभियान चलाने तथा एसडीएम एवं तहसीलदारों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान रीठी तहसीलदार आकांक्षा चौरसिया, बिलहरी नायब तहसीलदार अनुराधा सिंह तथा कन्हवारा एवं मझगवां नायब तहसीलदार अवंतिका तिवारी की अपेक्षाकृत धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में साइबर तहसील, पीएम किसान आधार लिंकिंग, ई-केवाईसी, आरसीएमएस पोर्टल, डिजिटाइजेशन कार्य तथा सातवीं लघु सिंचाई संगणना की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री तिवारी ने अंत में कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप जनहित सर्वोपरि रखते हुए सभी अधिकारी पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य करें।



