डिजिटल युग में सतर्क रहें, साइबर अपराधियों से बचें: विधिक साक्षरता शिविर में छात्रों को दिए सुरक्षा के अहम मंत्र,ढीमरखेड़ा के संतकबीर जूनियर हाई स्कूल में न्यायाधीश पूर्वा तिवारी ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक
कलयुग की कलम से राकेश यादव

डिजिटल युग में सतर्क रहें, साइबर अपराधियों से बचें: विधिक साक्षरता शिविर में छात्रों को दिए सुरक्षा के अहम मंत्र,ढीमरखेड़ा के संतकबीर जूनियर हाई स्कूल में न्यायाधीश पूर्वा तिवारी ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिलेभर में विधिक जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत मंगलवार को संतकबीर जूनियर हाई स्कूल, ढीमरखेड़ा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जितेन्द्र कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
शिविर को संबोधित करते हुए न्यायाधीश पूर्वा तिवारी ने कहा कि वर्तमान डिजिटल दौर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया का दुरुपयोग, फिशिंग लिंक और डिजिटल धोखाधड़ी जैसी घटनाओं से बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति, विशेषकर विद्यार्थियों का जागरूक होना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के महत्वपूर्ण उपाय बताते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, पासवर्ड, बैंकिंग या अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तत्काल संबंधित प्राधिकरण को सूचना दें। डिजिटल दुनिया में थोड़ी सी लापरवाही भी आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान का कारण बन सकती है।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने साइबर सुरक्षा एवं विधिक अधिकारों से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका न्यायाधीश पूर्वा तिवारी ने सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ शिविर में सहभागिता करते हुए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का संकल्प भी लिया।
विधिक साक्षरता शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना, साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी देना तथा उन्हें जिम्मेदार एवं सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।



