गर्राघाट शुक्ल पिपरिया हनुमान मंदिर में पुलिस की समझाइश पर विवाद: संत जी एवं समिति ने डायल-112 कर्मियों पर अभद्र व्यवहार का लगाया आरोप, पुलिस बोली— निष्पक्ष जांच के बाद होगी कार्रवाई
कलयुग की कलम से राकेश यादव

गर्राघाट शुक्ल पिपरिया हनुमान मंदिर में पुलिस की समझाइश पर विवाद: संत जी एवं समिति ने डायल-112 कर्मियों पर अभद्र व्यवहार का लगाया आरोप, पुलिस बोली— निष्पक्ष जांच के बाद होगी कार्रवाई
कलयुग की कलम उमरिया पान – गर्राघाट स्थित हनुमान मंदिर, शुक्ल पिपरिया से जुड़े एक मामले ने नया मोड़ ले लिया है। रविवार को श्री अनुरुद्धपुरी गुरु श्री जमुनापुरी सेवक समिति के प्रतिनिधियों ने उमरियापान थाना पहुंचकर डायल-112 में तैनात पुलिसकर्मियों के विरुद्ध लिखित आवेदन सौंपते हुए अभद्र व्यवहार एवं आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग का आरोप लगाया।

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि 3 जुलाई 2026 को सुबह लगभग 9:30 बजे मंदिर परिसर पहुंचे डायल-112 के पुलिसकर्मियों ने संत एवं वहां मौजूद लोगों से कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया। समिति का आरोप है कि उसी दिन रात लगभग 9:30 बजे डायल-112 वाहन से माइक के माध्यम से भी आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे संत समाज एवं श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
वहीं, मामले में डायल-112 पर तैनात पुलिसकर्मियों का पक्ष भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, 3 जुलाई की सुबह नियमित गश्त के दौरान गर्राघाट की कुछ महिलाओं ने वाहन रोककर शिकायत की थी कि मंदिर परिसर में कुछ लोग बैठकर नशा करते हैं, जिससे पूजा-अर्चना के लिए आने वाली महिलाओं को असहजता का सामना करना पड़ता है।
पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर टीम मंदिर परिसर पहुंची और वहां मौजूद महंत सहित अन्य लोगों को केवल समझाइश दी गई कि मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की नशाखोरी न होने दें, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। समझाइश देने के बाद पुलिस टीम वहां से लौट गई।
पुलिस के मुताबिक, उसी दिन रात लगभग 9:30 बजे दोबारा क्षेत्र से गुजरने पर मंदिर के बाहर कई मोटरसाइकिलें खड़ी दिखाई दीं। इस दौरान माइक से केवल यह घोषणा की गई कि सुबह समझाइश दी जा चुकी है और यदि मंदिर परिसर में नशा करने की शिकायत दोबारा मिली तो वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि किसी भी व्यक्ति के साथ गाली-गलौज अथवा अभद्र व्यवहार नहीं किया गया।
जांच के बाद होगी नियमानुसार कार्रवाई
मामले में संत समिति द्वारा दिए गए आवेदन के बाद पुलिस प्रशासन ने जांच की प्रक्रिया प्रारंभ करने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोनों पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों एवं अन्य तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इनका कहना है
“हनुमान मंदिर गर्राघाट से जुड़े मामले में संत एवं ग्रामीणों द्वारा थाना में लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। आवेदन में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष एवं तथ्यों के आधार पर जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य एवं घटनाक्रम का परीक्षण किया जाएगा। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना, आमजन की शिकायतों का निष्पक्ष निराकरण करना तथा सभी पक्षों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करना है।”



