ऑपरेशन मुस्कान की बड़ी सफलता: दिल्ली-नोएडा से सकुशल मिली नाबालिग, ढीमरखेड़ा पुलिस ने आरोपी को दबोचा,एक माह की सतत तलाश और तकनीकी जांच के बाद मिली कामयाबी, साइबर इनपुट से खुला पूरा मामला
कलयुग की कलम से राकेश यादव

ऑपरेशन मुस्कान की बड़ी सफलता: दिल्ली-नोएडा से सकुशल मिली नाबालिग, ढीमरखेड़ा पुलिस ने आरोपी को दबोचा,एक माह की सतत तलाश और तकनीकी जांच के बाद मिली कामयाबी, साइबर इनपुट से खुला पूरा मामला
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – जिले में चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान अभियान के तहत ढीमरखेड़ा पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए लगभग एक माह से लापता नाबालिग बालिका को दिल्ली-नोएडा क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मामले में संलिप्त आरोपी को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, 27 मई 2026 को ग्राम सिलौड़ी निवासी एक व्यक्ति ने थाना ढीमरखेड़ा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री स्कूल में प्रवेश संबंधी कार्य का कहकर घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, किंतु कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 316/26 के तहत धारा 137(2) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य तथा एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने साइबर सेल की सहायता से संदेही के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। मोबाइल फोन बंद होने के बावजूद पुलिस टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर इंस्टाग्राम से जुड़े संपर्कों की जानकारी जुटाई, जिससे जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिली।
तकनीकी इनपुट और लगातार की गई पड़ताल के आधार पर पुलिस टीम दिल्ली और नोएडा पहुंची। वहां से नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया तथा आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया।
इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक महिमा रघुवंशी, उपनिरीक्षक अनिल पांडे, प्रधान आरक्षक अतुल शर्मा एवं आरक्षक कमोद कोल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच और सतत प्रयासों से मिली इस सफलता की जिलेभर में सराहना की जा रही है। यह कार्रवाई ऑपरेशन मुस्कान अभियान के उद्देश्य—लापता बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाने—की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।



