प्रशासनमध्यप्रदेश

एक बगिया मां के नाम’ से संवरेगा पर्यावरण, पौधों की देखभाल का लिया संकल्प,बड़वारा में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला, 90 हितग्राहियों को पौधों की सुरक्षा और संरक्षण का दिया प्रशिक्षण

कलयुग की कलम से राकेश यादव

एक बगिया मां के नाम’ से संवरेगा पर्यावरण, पौधों की देखभाल का लिया संकल्प,बड़वारा में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला, 90 हितग्राहियों को पौधों की सुरक्षा और संरक्षण का दिया प्रशिक्षण

कलयुग की कलम कटनी – पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल, सुरक्षा और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य को लेकर जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर के निर्देश पर जनपद पंचायत बड़वारा में ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में 90 हितग्राहियों को पौधों की बेहतर देखभाल एवं सुरक्षा के संबंध में व्यवहारिक जानकारी दी गई।

पौधों को परिवार के सदस्य की तरह संवारने का संदेश

जनपद पंचायत बड़वारा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री प्रभा तेकाम ने हितग्राहियों से संवाद करते हुए कहा कि पौधारोपण के बाद उनकी नियमित देखभाल सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने पौधों को सुरक्षित रखने के उपायों के साथ-साथ वृक्षों से मिलने वाले पर्यावरणीय एवं सामाजिक लाभों की जानकारी दी और हितग्राहियों को पौधों के संरक्षण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अजीत सिंह ने ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना के उद्देश्यों, इसके महत्व और शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य पौधारोपण को केवल एक गतिविधि तक सीमित न रखते हुए उसे सतत संरक्षण एवं हरियाली से जोड़ना है।

पीपीटी के माध्यम से समझाए संरक्षण के तरीके

प्रदान संस्था से विशाल कुमार एवं संगीता ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से पौधों की देखभाल, सुरक्षा, नियमित निगरानी तथा उनके बेहतर विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। वहीं सहायक यंत्री द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया और पौधों के संरक्षण से जुड़े व्यावहारिक पक्षों को समझाया गया।

कार्यशाला में उपयंत्री, ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के माध्यम से हितग्राहियों को यह संदेश दिया गया कि पौधा लगाने के साथ उसकी जिम्मेदारी स्वीकार करना ही वास्तविक पर्यावरण संरक्षण है।

पौधा लगाना शुरुआत, उसकी देखभाल ही असली जिम्मेदारी

‘एक बगिया मां के नाम’ पहल के तहत आयोजित यह प्रशिक्षण पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने और पौधों के संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Related Articles

Back to top button