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ढीमरखेड़ा में गूंजा कानून का संदेश: बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ जागरूकता पर जोर,विधिक साक्षरता शिविर में न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने बताए अधिकार और कानूनी संरक्षण, शोषण के मामलों की जानकारी देने किया प्रेरित

कलयुग की कलम से राकेश यादव

ढीमरखेड़ा में गूंजा कानून का संदेश: बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ जागरूकता पर जोर,विधिक साक्षरता शिविर में न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने बताए अधिकार और कानूनी संरक्षण, शोषण के मामलों की जानकारी देने किया प्रेरित

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के पालन में 1 अक्टूबर 2026 को ढीमरखेड़ा में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीतेन्द्र कुमार शर्मा के निर्देशन में आयोजित शिविर में न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने उपस्थित पक्षकारों को बाल श्रम एवं बंधुआ मजदूरी से जुड़े मामलों में होने वाले शोषण, उससे बचाव तथा उपलब्ध कानूनी संरक्षण के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने कहा कि बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी जैसी सामाजिक समस्याओं के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित लोगों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए ऐसे मामलों की सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।

शिविर में बताया गया कि बच्चों को श्रम में लगाने के बजाय उन्हें शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं बंधुआ मजदूरी के माध्यम से किसी व्यक्ति के शोषण को रोकने के लिए कानूनी जानकारी और जागरूकता को महत्वपूर्ण बताया गया।

अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सहित अन्य रहे मौजूद

विधिक साक्षरता शिविर में पक्षकारों के साथ अधिवक्ता संघ अध्यक्ष राजेश पयासी, अवधेश असाटी, नायब नाजिर शक्ति संजय सिंह एवं शिवम उपाध्याय सहित अन्य उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से आमजन को अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए सामाजिक शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया।

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