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अवैध बोरवेल खनन पर उमरियापान पुलिस का बड़ा प्रहार रात में दबिश देकर बोरिंग मशीन जब्त, तीन आरोपियों पर केस दर्ज कलेक्टर के आदेश की अवहेलना पड़ी भारी, थाना प्रभारी महेंद्र जायसवाल के नेतृत्व में त्वरित कार्रवाई

कलयुग की कलम से राकेश यादव

अवैध बोरवेल खनन पर उमरियापान पुलिस का बड़ा प्रहार रात में दबिश देकर बोरिंग मशीन जब्त, तीन आरोपियों पर केस दर्ज कलेक्टर के आदेश की अवहेलना पड़ी भारी, थाना प्रभारी महेंद्र जायसवाल के नेतृत्व में त्वरित कार्रवाई

कलयुग की कलम उमरिया पान – जिले में अवैध बोरवेल खनन और भूजल दोहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उमरियापान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना अनुमति संचालित की जा रही बोरिंग मशीन को जब्त कर तीन लोगों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध बोरवेल संचालकों में हड़कंप मच गया है।

पुलिस अधीक्षक कटनी श्री अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया तथा एसडीओपी स्लीमनाबाद श्रीमती आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी महेंद्र कुमार जायसवाल के नेतृत्व में यह प्रभावी कार्रवाई की गई।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम टोला में एक निजी बाड़ी में बिना वैधानिक अनुमति के बोरवेल खनन कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी। जांच के दौरान बोरिंग मशीन क्रमांक KA-01 MH-6166 से बोरवेल खनन कार्य जारी मिला।

पुलिस ने मशीन चालक रामभजन कोल (39 वर्ष) से अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में उसने बताया कि वह ग्राम हरदुआ निवासी एजेंट रामभूषण मिश्रा के निर्देश पर मजदूरी के आधार पर कार्य कर रहा था, जबकि बोरवेल का कार्य ग्राम टोला निवासी छोटू लोधी के खेत-बाड़ी में कराया जा रहा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रात करीब 9:30 बजे बोरिंग मशीन को विधिवत जब्त कर अपने कब्जे में ले लिया। जांच में पाया गया कि यह कार्य कलेक्टर द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करते हुए किया जा रहा था।

इनके खिलाफ दर्ज हुआ मामला

रामभजन कोल – मशीन चालक, निवासी मजौली सिहोरा,छोटू लोधी – भूमि स्वामी, निवासी टोला उमरियापान,रामभूषण मिश्रा – मशीन एजेंट, निवासी हरदुआ सिहोरा तीनों आरोपियों के विरुद्ध थाना उमरियापान में अपराध क्रमांक 179/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 एवं मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 9 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी महेंद्र कुमार जायसवाल के निर्देशन में सहायक उपनिरीक्षक कोदूलाल दाहिया तथा सहायक उपनिरीक्षक गयाप्रसाद मंगोरे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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