थाने में नाबालिग से कथित मारपीट पर फूटा जनाक्रोश कटनी-शहडोल नेशनल हाईवे पर तीन घंटे तक चक्काजाम, ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल दोषी कर्मियों पर कार्रवाई की मांग, आश्वासन के बाद बहाल हुआ यातायात
कलयुग की कलम से राकेश यादव

थाने में नाबालिग से कथित मारपीट पर फूटा जनाक्रोश कटनी-शहडोल नेशनल हाईवे पर तीन घंटे तक चक्काजाम, ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल दोषी कर्मियों पर कार्रवाई की मांग, आश्वासन के बाद बहाल हुआ यातायात
कलयुग की कलम कटनी – एनकेजे थाना क्षेत्र में एक नाबालिग युवक के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर सोमवार शाम बड़ा जनआक्रोश देखने को मिला। आक्रोशित ग्रामीणों ने कटनी-शहडोल राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
ग्रामीणों का आरोप है कि एक नाबालिग युवक थाने में दर्ज शिकायत की पावती प्राप्त करने गया था, जहां उसे कई घंटों तक रोके रखा गया। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। घटना की जानकारी गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और विरोध स्वरूप सड़क पर उतर आए।
जुहली मोड़ पर प्रदर्शन, हाईवे पर थमे वाहनों के पहिए
शाम के समय शुरू हुए प्रदर्शन के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। जाम के कारण कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मौके पर हालात को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से लगातार चर्चा कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।
पुराने विवाद की पृष्ठभूमि भी आई सामने
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में दो पक्षों के बीच चल रहे विवाद को लेकर पहले से तनाव की स्थिति बनी हुई थी। हाल ही में हुए एक विवाद के बाद दोनों पक्ष अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंचे थे। इसी घटनाक्रम के बीच नाबालिग युवक के साथ कथित मारपीट की खबर सामने आने के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही अथवा अनुचित व्यवहार सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रात में खुला मार्ग, क्षेत्र में बनी हुई है सतर्कता
करीब तीन घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सहमति बनी, जिसके पश्चात प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात बहाल किया गया। हालांकि जाम में फंसे वाहनों को सामान्य रूप से निकालने में अतिरिक्त समय लगा।
फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है तथा पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
(नोट: मामले में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावों पर आधारित हैं। जांच पूर्ण होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।)



