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बिजली की आंख-मिचौली से त्रस्त 15 गांव, भीषण गर्मी में तड़प रहे ग्रामीण,8 घंटे भी नहीं मिल रही बिजली, दिनभर ट्रिपिंग और रातभर अंधेरे में गुजर रही जिंदगी

कलयुग की कलम से राकेश यादव

बिजली की आंख-मिचौली से त्रस्त 15 गांव, भीषण गर्मी में तड़प रहे ग्रामीण,8 घंटे भी नहीं मिल रही बिजली, दिनभर ट्रिपिंग और रातभर अंधेरे में गुजर रही जिंदगी

कलयुग की कलम उमरिया पान  – ग्राम पंचायत बम्हनी अंतर्गत आने वाले बनेहरा पावर हाउस से संचालित ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमरा गई है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को 24 घंटे में मुश्किल से 8 घंटे भी नियमित बिजली नसीब हो पा रही है। लगातार ट्रिपिंग, घंटों कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से आमजन का जीना दूभर हो गया है। भीषण गर्मी में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सुबह यदि 8 बजे बिजली बंद होती है तो दोपहर 12 बजे तक सप्लाई बहाल नहीं होती। यदि बिजली आ भी जाए तो एक-दो घंटे बाद फिर ट्रिपिंग शुरू हो जाती है। दिनभर में 20 से 25 बार बिजली का आना-जाना आम बात हो गई है। शाम के समय भी स्थिति बदतर बनी रहती है। रात 7 बजे से 10 बजे तक लगातार ट्रिपिंग होती रहती है, वहीं रात 11 बजे के बाद बिजली बंद हो जाती है जो सुबह करीब 6 बजे लौटती है।

ग्रामीणों का कहना है कि उमरिया पान नगर में जहां निर्बाध बिजली सप्लाई दी जा रही है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। बनहरा पावर हाउस से लगभग 15 से 16 गांवों में सप्लाई दी जाती थी, लेकिन हाल ही में पांच अतिरिक्त गांव — कछार, टोपी, नैगवां, परसेल और करही को भी इसी लाइन से जोड़ दिया गया। इससे लाइन पर अत्यधिक भार बढ़ गया है और आए दिन फॉल्ट एवं ट्रिपिंग की समस्या खड़ी हो रही है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्रीय लाइनमैन और कर्मचारी लगातार लाइन सुधारने में जुटे रहते हैं। शिकायत मिलते ही कर्मचारी मौके पर पहुंचते हैं, लेकिन ओवरलोड के कारण समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही। ग्रामीणों का आरोप है कि लाइन मेंटेनेंस कार्य भी अब ठेकेदारी व्यवस्था के भरोसे चल रहा है, जहां गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। बिजली उपकरण इतने कमजोर लगाए जा रहे हैं कि वे भार सहन नहीं कर पा रहे।

ग्रामीणों ने मांग की है कि विभाग अपनी निगरानी में उच्च गुणवत्ता वाले ओरिजिनल उपकरण लगवाए और पुराने सिस्टम की तरह एक नंबर लाइन से सप्लाई बहाल करे। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो गर्मी के मौसम में हालात और भयावह हो सकते हैं।

बिजली संकट के कारण आम नागरिक एवं किसानों के काम प्रभावित हो रहे है, किसान परेशान हैं और आमजन रातभर जागने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

ग्रामीण क्षेत्र में नियमित और निर्बाध बिजली सप्लाई दी जाए।

ओवरलोड कम करने के लिए अलग फीडर की व्यवस्था हो।

घटिया उपकरणों के स्थान पर गुणवत्तायुक्त सामग्री लगाई जाए।

बार-बार ट्रिपिंग और फॉल्ट की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।

ग्रामीण क्षेत्रों को नगर की तरह समान प्राथमिकता दी जाए।

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