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अब बिना फार्मर आईडी नहीं मिलेंगी योजनाओं की सुविधाएं्कलेक्टर श्री तिवारी के सख्त निर्देश: हर किसान का खसरा और बकेट तत्काल करें लिंक, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

कलयुग की कलम से राकेश यादव

अब बिना फार्मर आईडी नहीं मिलेंगी योजनाओं की सुविधाएं्कलेक्टर श्री तिवारी के सख्त निर्देश: हर किसान का खसरा और बकेट तत्काल करें लिंक, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

कलयुग की कलम कटनी – जिले में किसानों का डिजिटल डाटाबेस तैयार करने के लिए चलाए जा रहे फॉर्मर रजिस्‍ट्री अभियान को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम स्तर पर विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बनाई जाए और कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रहे।

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि शासन की प्राथमिक योजनाओं में शामिल इस कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर लंबित खसरा और बकेट प्रकरणों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करें।

खसरा लिंक नहीं तो योजनाओं का लाभ भी सीमित

प्रशासन ने किसानों को आगाह किया है कि यदि उनके सभी खसरे या बकेट फॉर्मर रजिस्‍ट्री में दर्ज नहीं होंगे, तो भविष्य में मिलने वाली कई सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं। खाद वितरण, समर्थन मूल्य पर उपार्जन और किसान कल्याण योजनाओं का लाभ केवल उसी भूमि के आधार पर दिया जाएगा, जो रजिस्‍ट्री में दर्ज होगी।

इसी कारण किसानों से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी और भूमि रिकॉर्ड को अपडेट करा लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सुविधा

फॉर्मर रजिस्‍ट्री प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रशासन ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं। किसान स्वयं पोर्टल के माध्यम से घर बैठे पंजीयन और खसरा अपडेट कर सकते हैं। इसके अलावा फार्मर रजिस्‍ट्री ऐप का उपयोग भी किया जा सकता है।

यदि किसी किसान को ऑनलाइन प्रक्रिया में समस्या आती है, तो वह नजदीकी सीएससी सेंटर, एमपी ऑनलाइन कियोस्क या संबंधित पटवारी की सहायता लेकर भी अपनी जानकारी अपडेट करा सकता है।

लंबित प्रकरणों पर प्रशासन सख्त

कलेक्टर श्री तिवारी ने तहसीलदारों और पटवारियों को निर्देश दिए हैं कि पूर्व में भेजे गए बकेट अनुरोधों को अपनी आईडी पर लंबित न रखें। सभी प्रकरणों की जांच कर त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाई गई, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।

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