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नशे के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवा: स्लीमनाबाद में मैराथन ने जगाई नई चेतना,’नशे से दूरी है जरूरी 2.0′ अभियान के तहत पुलिस की अनूठी पहल, छात्र-छात्राओं ने दौड़कर दिया नशामुक्त समाज का संदेश

कलयुग की कलम से राकेश यादव

नशे के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवा: स्लीमनाबाद में मैराथन ने जगाई नई चेतना,‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के तहत पुलिस की अनूठी पहल, छात्र-छात्राओं ने दौड़कर दिया नशामुक्त समाज का संदेश

कलयुग की कलम स्लीमनाबाद – युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से स्लीमनाबाद पुलिस ने मंगलवार को प्रदेशव्यापी ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के अंतर्गत नगर में भव्य नशा मुक्ति जागरूकता मैराथन दौड़ का आयोजन किया। मैराथन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया।

पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस आकांक्षा चतुर्वेदी के निर्देशन में किया गया। मैराथन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करना रहा।

दौड़ में विलियम हैनरी इंग्लिश मीडियम स्कूल, आदर्श इंग्लिश मीडियम स्कूल तथा सीएम राइज स्कूल, स्लीमनाबाद के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ नशा मुक्ति के संदेश वाले नारों के बीच दौड़ लगाते हुए समाज को नशे के खिलाफ एकजुट होने का संदेश दिया।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त छात्र-छात्राओं को एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने, अपने साथियों को भी जागरूक करने और स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों तथा पुलिस बल की सक्रिय उपस्थिति रही। सभी ने एक स्वर में नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेते हुए अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।

नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि यदि युवा जागरूक हों और समाज साथ आए, तो नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

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