प्रशासनमध्यप्रदेश

407 ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल: अब बढ़ेगी अपनी आय, घटेगी अनुदान पर निर्भरता,तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण संपन्न, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों को दिए वित्तीय सशक्तिकरण के मंत्र

कलयुग की कलम से राकेश यादव

407 ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल: अब बढ़ेगी अपनी आय, घटेगी अनुदान पर निर्भरता,तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण संपन्न, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों को दिए वित्तीय सशक्तिकरण के मंत्र

कलयुग की कलम कटनी – जिले की सभी 407 ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने की दिशा में जिला पंचायत द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को समापन हो गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम पंचायतों की स्वयं के राजस्व (ओएसआर) बढ़ाने की क्षमता विकसित करना, कर संग्रह व्यवस्था को सुदृढ़ करना तथा पोर्टल पर समयबद्ध और शुद्ध डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित करना रहा।

जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने प्रशिक्षण के दौरान सचिवों एवं ग्राम रोजगार सहायकों से संवाद करते हुए कहा कि पंचायतों को केवल शासकीय अनुदान पर निर्भर रहने की बजाय अपने आय के स्रोत विकसित करने होंगे। उन्होंने कहा कि पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार जलकर, स्वच्छता कर, प्रकाश कर, बाजार शुल्क, अचल संपत्ति कर सहित अन्य वैध करों का प्रभावी क्रियान्वयन कर पंचायतें आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बन सकती हैं।

प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल जानकारी नहीं, व्यवहारिक बदलाव भी

सीईओ ने कहा कि किसी भी प्रशिक्षण का वास्तविक लाभ तभी मिलता है, जब प्राप्त जानकारी को व्यवहार में उतारा जाए। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान उत्पन्न होने वाली हर शंका और जिज्ञासा का समाधान लेने तथा कार्यों को गुणवत्ता, शुद्धता और समयबद्धता के साथ पूरा करने की अपील की।

हर रुपये का रखें पारदर्शी हिसाब

उन्होंने कर संग्रहण में पारदर्शिता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ग्रामीणों से प्राप्त प्रत्येक राशि का सही रिकॉर्ड रखा जाए। इससे पंचायतों के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ेगा और वित्तीय प्रबंधन भी मजबूत होगा।

सही डेटा प्रविष्टि से मजबूत होगी मॉनिटरिंग

सुश्री कौर ने कहा कि पंचायतों द्वारा पोर्टल पर समय पर और त्रुटिरहित डेटा दर्ज करने से योजनाओं की निगरानी अधिक प्रभावी होगी तथा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

तीन चरणों में हुआ प्रशिक्षण

जिला पंचायत के निर्देश पर 20 से 22 जुलाई तक प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया गया। पहले दिन कटनी एवं रीठी, दूसरे दिन बड़वारा एवं बहोरीबंद तथा अंतिम दिन ढीमरखेड़ा एवं विजयराघवगढ़ जनपद की ग्राम पंचायतों के सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों को वर्चुअल माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सहित विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।

प्रशिक्षण का मुख्य संदेश स्पष्ट रहा— यदि ग्राम पंचायतें अपने स्थानीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग करें और आय के स्थायी स्रोत विकसित करें, तो वे छोटी-बड़ी स्थानीय समस्याओं का समाधान स्वयं करने में अधिक सक्षम बन सकती हैं।

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