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पचपेड़ी में अवैध शराब की बिक्री पर ग्रामीणों की चिंता,पचपेड़ी में अवैध शराब की बिक्री पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने प्रशासन से की प्रभावी कार्रवाई की मांग,मेन रोड किनारे कथित अवैध पैकारी से नाराज ग्रामीण—कई बार ज्ञापन और प्रदर्शन के बाद भी समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होने का आरोप

कलयुग की कलम से राकेश यादव

पचपेड़ी में अवैध शराब की बिक्री पर ग्रामीणों की चिंता,पचपेड़ी में अवैध शराब की बिक्री पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने प्रशासन से की प्रभावी कार्रवाई की मांग,मेन रोड किनारे कथित अवैध पैकारी से नाराज ग्रामीण—कई बार ज्ञापन और प्रदर्शन के बाद भी समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होने का आरोप

कलयुग की कलम उमरिया पान – ग्राम पंचायत पचपेड़ी में कथित अवैध शराब बिक्री को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अवैध शराब की बिक्री को लेकर पूर्व में कई बार विरोध प्रदर्शन एवं ज्ञापन के माध्यम से पुलिस और आबकारी विभाग का ध्यान आकर्षित कराया गया, इसके बावजूद समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार पचपेड़ी में मुख्य मार्ग के किनारे एक घर से कथित तौर पर शराब की बिक्री की जा रही है। उनका कहना है कि आबादी के बीच इस तरह की गतिविधि होने से आसपास रहने वाले परिवारों तथा स्कूली बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की चिंता बनी रहती है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि संबंधित स्थान के समीप एटीएम होने के कारण वहां आने-जाने वाले लोगों को भी असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि शाम होते ही शराब खरीदने वालों की आवाजाही बढ़ जाती है। कुछ लोग मौके पर ही शराब का सेवन करते दिखाई देते हैं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों ने दावा किया कि कथित शराब बिक्री के स्थान पर बच्चों की मौजूदगी भी देखी गई है। इन परिस्थितियों को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।

कई बार ज्ञापन और प्रदर्शन का दावा

अवैध शराब के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रकांत (चंदू) चौरसिया के नेतृत्व में महिलाओं एवं पुरुषों द्वारा पूर्व में भी कई बार विरोध प्रदर्शन किए जाने और प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि गांव में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाकर शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित कराना है।

ग्रामीणों के मुताबिक पुलिस द्वारा समय-समय पर कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन उनका आरोप है कि कार्रवाई के कुछ समय बाद कथित रूप से शराब की बिक्री फिर शुरू हो जाती है। ऐसे में ग्रामीणों ने पुलिस एवं आबकारी विभाग से संयुक्त रूप से निगरानी बढ़ाने तथा नियमानुसार स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई करने की मांग की है।

‘कानून हाथ में न लें, प्रशासन करे प्रभावी कार्रवाई’

ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब के खिलाफ विरोध के दौरान किसी भी व्यक्ति द्वारा कानून हाथ में लेना उचित नहीं है। उनका कहना है कि शिकायत और कार्रवाई के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्था पर ही भरोसा किया जाना चाहिए। साथ ही प्रशासन से अपेक्षा है कि ग्रामीणों की शिकायतों पर समय रहते ठोस कार्रवाई हो, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग प्रशासन के समक्ष रखते रहेंगे। उनका कहना है कि गांव में अवैध शराब की बिक्री की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर यदि शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए और आबादी क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।

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