नशे को कहें ना, जीवन को दें नई दिशा” : ढीमरखेड़ा न्यायालय से गूंजा जनजागरण का संदेश,विधिक साक्षरता शिविर में न्यायाधीश ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ, हेलमेट पहनने और नशे में वाहन न चलाने की दी सीख
कलयुग की कलम से राकेश यादव

“नशे को कहें ना, जीवन को दें नई दिशा” : ढीमरखेड़ा न्यायालय से गूंजा जनजागरण का संदेश,विधिक साक्षरता शिविर में न्यायाधीश ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ, हेलमेट पहनने और नशे में वाहन न चलाने की दी सीख
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – नशामुक्त समाज के निर्माण और कानून के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को न्यायालय परिसर ढीमरखेड़ा में विधिक साक्षरता एवं जनजागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कटनी जीतेन्द्र कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए स्वस्थ, सुरक्षित और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
शिविर को संबोधित करते हुए माननीय न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। उन्होंने उपस्थित लोगों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक ही नशामुक्त और सुरक्षित समाज की मजबूत नींव रखते हैं।
कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। नागरिकों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनने, यातायात नियमों का पालन करने तथा शराब या किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन करने के बाद वाहन नहीं चलाने की सलाह दी गई। वक्ताओं ने कहा कि सड़क पर बरती गई छोटी-सी सावधानी कई परिवारों की खुशियां बचा सकती है।
शिविर में कानून संबंधी जानकारी के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी चर्चा की गई। उपस्थित लोगों ने नशामुक्त जीवन अपनाने, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने तथा समाज में विधिक जागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेश पयासी, अधिवक्ता राजकुमार पयासी, जयकिशोर शुक्ला, जय प्रकाश शुक्ला, नायब नाजिर शक्ति संजय सिंह, शिवम उपाध्याय, अवघेश असाटी सहित न्यायालय परिवार एवं अधिवक्ता संघ के अनेक सदस्य मौजूद रहे। सभी ने नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।
विधिक साक्षरता शिविर का उद्देश्य केवल कानूनी जानकारी देना ही नहीं, बल्कि समाज को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से मुक्त कर जिम्मेदार नागरिकता की भावना को मजबूत करना भी रहा। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।



