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सूखी फसलों को मिली जीवनदायिनी राहत: बड़वारा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह के प्रयास से बरगी दायीं तट मुख्य नहर में छोड़ा गया नर्मदा जल,कम बारिश से जूझ रहे उमरियापान क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत, धान की रोपाई और खरीफ फसलों को मिलेगा संजीवनी जल; प्रशासन ने नहर से दूर रहने की अपील की

कलयुग की कलम से राकेश यादव

सूखी फसलों को मिली जीवनदायिनी राहत: बड़वारा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह के प्रयास से बरगी दायीं तट मुख्य नहर में छोड़ा गया नर्मदा जल,कम बारिश से जूझ रहे उमरियापान क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत, धान की रोपाई और खरीफ फसलों को मिलेगा संजीवनी जल; प्रशासन ने नहर से दूर रहने की अपील की

कटनी/ मध्य प्रदेश 

कलयुग की कलम उमरिया पान – लगातार कम वर्षा के कारण उमरियापान क्षेत्र में धान की रोपाई और खरीफ फसलों पर संकट गहराने लगा था। कई स्थानों पर पहले से बोई गई फसलें पानी के अभाव में सूखने की स्थिति में पहुंच गई थीं। ऐसे समय में क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत देते हुए बड़वारा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह के प्रयासों से बरगी व्यपवर्तन परियोजना की बरगी दायीं तट मुख्य नहर में कृषि कार्य के लिए नर्मदा जल का प्रवाह शुरू कर दिया गया है।

नहर में पानी छोड़े जाने से उमरियापान एवं आसपास के गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होने की उम्मीद जगी है। इससे धान की रोपाई में तेजी आएगी, सूख रही फसलों को नया जीवन मिलेगा और खरीफ सीजन की कृषि गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। किसानों ने इसे समय पर मिला महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए राहत की सांस ली है।

क्षेत्र के कृषकों का कहना है कि यदि समय पर नहर में पानी नहीं छोड़ा जाता तो हजारों एकड़ में बोई गई फसलें प्रभावित हो सकती थीं। अब नर्मदा जल मिलने से खेतों में फिर से हरियाली लौटने की उम्मीद बढ़ गई है। सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और क्षेत्र में हरित क्रांति को नई गति मिलेगी।

प्रशासन ने नहर में जल प्रवाह शुरू होने के साथ आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील भी की है। लोगों से आग्रह किया गया है कि वे नहर के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं, नहर में स्नान करने, मछली पकड़ने अथवा अन्य गतिविधियों से बचें। अभिभावकों से विशेष रूप से कहा गया है कि बच्चों को नहर के तट पर जाने से रोकें, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नहर में छोड़ा गया पानी किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं के लिए है। सभी नागरिकों से सहयोग और सतर्कता बनाए रखने का अनुरोध करते हुए कहा गया है कि “आपकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है, इसलिए नहर से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।”

नहर में नर्मदा जल प्रवाहित होने से क्षेत्र के किसानों में नई उम्मीद जगी है। कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि मौसम का साथ मिला और सिंचाई व्यवस्था सुचारु रही तो इस वर्ष खरीफ उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

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