गांवों की तस्वीर बदलने को कटनी में जुटेंगे पंचायती राज के जनप्रतिनिधि,व्हीबी-जी राम जी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन पर आज होगा जिला स्तरीय ‘पंच सम्मेलन’रोजगार, आजीविका, जल सुरक्षा और ग्रामीण विकास की योजनाओं पर होगा मंथन
कलयुग की कलम से राकेश यादव

गांवों की तस्वीर बदलने को कटनी में जुटेंगे पंचायती राज के जनप्रतिनिधि,व्हीबी-जी राम जी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन पर आज होगा जिला स्तरीय ‘पंच सम्मेलन’रोजगार, आजीविका, जल सुरक्षा और ग्रामीण विकास की योजनाओं पर होगा मंथन
कलयुग की कलम कटनी – विकसित भारत–रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 (VB-G RAM G Act) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बुधवार, 19 अगस्त को कटनी में जिला स्तरीय ‘पंच सम्मेलन’ आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में ग्राम पंचायत के पंच से लेकर सरपंच, जनपद सदस्य, जनपद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न स्तरों के निर्वाचित जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।
मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ हर सिमरनप्रीत कौर की अगुवाई में आयोजित यह सम्मेलन ऑडिटोरियम, बस स्टैंड कटनी में दोपहर 12 बजे से शुरू होगा। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को व्हीबी-जी राम जी एक्ट के उद्देश्यों, प्रावधानों और क्रियान्वयन प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी देना तथा उनके सवालों और जिज्ञासाओं का समाधान करना है।
मैदानी अमले और जनप्रतिनिधियों के बीच बनेगा बेहतर समन्वय
जिला पंचायत सीईओ हर सिमरनप्रीत कौर ने कहा कि एक्ट का वास्तविक लाभ ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर इसकी सही समझ और प्रभावी अनुपालन जरूरी है। सम्मेलन के माध्यम से निर्वाचित प्रतिनिधियों को उनकी भूमिका और दायित्वों से अवगत कराया जाएगा, ताकि योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य, सरपंच एवं पंचों को सम्मेलन की निर्धारित तिथि, स्थान और समय की जानकारी देकर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। अधिकारियों को अपने अमले के साथ सम्मेलन में उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रोजगार से ग्रामीण विकास तक—एक्ट का व्यापक दायरा
व्हीबी-जी राम जी एक्ट 2025 का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने से जुड़ा है। इसके अंतर्गत उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण, ग्रामीण अधोसंरचना, जल सुरक्षा और सतत ग्रामीण विकास जैसे विषयों को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
ग्राम पंचायतों की भूमिका होगी अहम
सम्मेलन में ग्राम पंचायतों की भूमिका और दायित्वों पर भी विस्तार से चर्चा होगी। योजना निर्माण, क्रियान्वयन, निगरानी और सामाजिक जवाबदेही में ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) के निर्माण एवं अनुमोदन, पात्र परिवारों के पंजीकरण तथा ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता पर विशेष जोर रहेगा।
इसके अलावा कार्यों के चयन, स्वीकृति, क्रियान्वयन, अनुश्रवण और तैयार परिसंपत्तियों के संधारण में ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारियों की जानकारी भी जनप्रतिनिधियों को दी जाएगी।
पारदर्शिता और सामाजिक जवाबदेही पर जोर
एक्ट के प्रभावी अनुपालन के साथ पारदर्शिता और सामाजिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक अंकेक्षण, शिकायत निवारण तथा आईटी आधारित निगरानी व्यवस्था पर भी चर्चा होगी। सम्मेलन में शिकायतों के समयबद्ध समाधान और संस्थागत मॉनिटरिंग की प्रक्रिया को लेकर जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी जाएगी।
ओएसआर और नल-जल योजनाओं पर भी होगी चर्चा
पंच सम्मेलन में ग्रामीण नल-जल योजनाओं के सुचारू संचालन एवं संधारण तथा स्वयं के आय के स्रोत बढ़ाने (OSR) से संबंधित विषयों पर भी विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी। इस दौरान योजनाओं के बेहतर संचालन, स्थानीय स्तर पर संसाधनों के उपयोग और पंचायतों की आर्थिक क्षमता बढ़ाने से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मंथन होगा।
जिला स्तरीय पंच सम्मेलन को ग्रामीण रोजगार योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने और पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



