कांग्रेस में महिला शक्ति का बड़ा दांव: सुषमा सिंह को अहम जिम्मेदारी, संगठन में नई ऊर्जा का संचार, चुनावी रणनीति के तहत प्रदेशभर में नियुक्तियां, आदिवासी अंचलों पर फोकस
कलयुग की कलम से राकेश यादव

कांग्रेस में महिला शक्ति का बड़ा दांव: सुषमा सिंह को अहम जिम्मेदारी, संगठन में नई ऊर्जा का संचार, चुनावी रणनीति के तहत प्रदेशभर में नियुक्तियां, आदिवासी अंचलों पर फोकस
कलयुग की कलम उमरिया पान– आगामी चुनावों को देखते हुए संगठनात्मक मजबूती की दिशा में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बड़ा कदम उठाया है। आदिवासी कांग्रेस (महिला प्रभाग) में व्यापक फेरबदल करते हुए प्रदेशभर में नई नियुक्तियां की गई हैं। इसी कड़ी में सक्रिय नेता सुषमा सिंह को मंडला जिला प्रभारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
महिला प्रभाग की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रा सर्वटे द्वारा जारी सूची में कुल 10 महिला पदाधिकारियों को अलग-अलग जिलों का प्रभार दिया गया है। यह निर्णय संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की रणनीति के तहत लिया गया है।
शीर्ष नेतृत्व की सहमति से हुई नियुक्तियां
इन नियुक्तियों को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की सहमति प्राप्त है।राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी साथ ही मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम की अनुशंसा के बाद इन नामों पर अंतिम मुहर लगाई गई।
आदिवासी क्षेत्रों में बढ़ेगी पकड़
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य आदिवासी बाहुल्य इलाकों में संगठन की पकड़ मजबूत करना और महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाना है। इससे पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को गांव-गांव तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
महिला नेतृत्व से बढ़ेगी जमीनी सक्रियता
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुषमा सिंह जैसी सक्रिय और जमीनी पकड़ रखने वाली नेताओं को जिम्मेदारी देने से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी। इससे आने वाले समय में आदिवासी अंचलों में कांग्रेस की महिला इकाई और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेगी।
नई टीम, नई रणनीति
इन नियुक्तियों के साथ कांग्रेस ने यह संकेत दिया है कि वह आदिवासी क्षेत्रों में महिला शक्ति को केंद्र में रखकर अपनी राजनीतिक रणनीति को धार दे रही है। संगठन को उम्मीद है कि यह बदलाव जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा।



