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रात के अंधेरे में रेत का खेल! बेलकुंड नदी में कथित अवैध रेत निकासी, टैक्टर वाहनों ने बिगाड़ी सड़क की हालत,पिपरिया शुक्ल–छोटा कछार मार्ग पर रातभर रेत परिवहन का आरोप, कीचड़ में फंसे वाहनों की तस्वीरें आई सामने

कलयुग की कलम से राकेश यादव

 रात के अंधेरे में रेत का खेल! बेलकुंड नदी में कथित अवैध रेत निकासी, टैक्टर वाहनों ने बिगाड़ी सड़क की हालत,पिपरिया शुक्ल–छोटा कछार मार्ग पर रातभर रेत परिवहन का आरोप, कीचड़ में फंसे वाहनों की तस्वीरें आई सामने

कलयुग की कलम उमरिया पान – बारिश का मौसम खुलते ही बेलकुंड नदी क्षेत्र में कथित अवैध रेत निकासी का मामला फिर सुर्खियों में है। पिपरिया शुक्ल से छोटा कछार गांव की ओर जाने वाले मार्ग पर रात के अंधेरे में रेत निकासी और परिवहन किए जाने के आरोप स्थानीय किसान एवं ग्रामीणों ने लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि देर रात तक रेत से जुड़े वाहनों की आवाजाही जारी रहती है, जिससे सड़क की हालत लगातार खराब हो रही है।

इस मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ट्रैक्टर वाहन और मौके पर मौजूद लोग दिखाई दे रहे हैं। वहीं मार्ग पर कीचड़ की स्थिति टैक्टर वाहन के फंसने के दृश्य भी वीडियो में नजर आ रहे हैं। बारिश के बाद पहले से कमजोर सड़क खेतों के लिए जाने वाली रास्ता ट्रैक्टर वाहनों की आवाजाही से मार्ग बुरी तरह प्रभावित होने की बात ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है।

रात में कौन कर रहा रेत का परिवहन?

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पिपरिया शुक्ल क्षेत्र में रात के समय रेत निकासी का सिलसिला चलता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि रेत परिवहन और निकासी नियमानुसार हो रही है तो दिन में क्यों नहीं होती प्रशासन द्वारा वाहनों एवं संबंधित अनुमति की जांच की जानी चाहिए। वहीं यदि बिना अनुमति या नियमों के विपरीत रेत निकासी हो रही है तो जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई आवश्यक है।

सड़क खेतों को जाने वाली रास्ता खराब होने से ग्रामीण किसान परेशान

वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण पिपरिया शुक्ल–छोटा कछार मार्ग की स्थिति खराब होने का आरोप है। बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ बढ़ने से आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रेत निकासी के लिए इस्तेमाल होने वाले टैक्टर वाहनों की वजह से सड़क खेतों के रास्ते को नुकसान पहुंच रहा है और इसका खामियाजा आम लोगों व किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

जांच हुई तो सामने आ सकती है हकीकत

ग्रामीणों ने प्रशासन से बेलकुंड नदी क्षेत्र में रात के समय औचक जांच, रेत उत्खनन स्थल का निरीक्षण, वाहनों के दस्तावेज एवं रॉयल्टी की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निष्पक्ष जांच से स्पष्ट हो सकेगा कि क्षेत्र में रेत निकासी नियमानुसार हो रही है अथवा शासन के राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

अब सवाल यह है कि बेलकुंड नदी क्षेत्र में रात के समय होने वाली कथित रेत निकासी पर संबंधित विभाग कब जांच करेगा और सड़क की दुर्दशा के लिए जिम्मेदारी तय होगी या नहीं?

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