हरियाली का संकल्प, शुद्ध हवा का संदेश—बनगवां स्कूल में गूंजा वृक्षारोपण का संदेश,तहसील विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष न्यायाधीश पूर्वी तिवारी की मौजूदगी में विशेष वृक्षारोपण अभियान, बच्चों को किया गया पुरस्कृत
कलयुग की कलम से राकेश यादव

हरियाली का संकल्प, शुद्ध हवा का संदेश—बनगवां स्कूल में गूंजा वृक्षारोपण का संदेश,तहसील विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष न्यायाधीश पूर्वी तिवारी की मौजूदगी में विशेष वृक्षारोपण अभियान, बच्चों को किया गया पुरस्कृत
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं शुद्ध वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को पदमा पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल, बनगवां में विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में तहसील विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष एवं माननीय न्यायाधीश पूर्वी तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं नब्या सेतु ग्रुप के अध्यक्ष अक्षत शर्मा के नेतृत्व में विद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों को वृक्षों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ जीवन के लिए पेड़-पौधों की उपयोगिता के बारे में जागरूक किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पेड़ केवल पर्यावरण को संतुलित रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के लिए आवश्यक शुद्ध वायु का प्रमुख आधार भी हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।
कोरोना काल की सीख से पर्यावरण संरक्षण तक
कार्यक्रम में कोरोना महामारी के दौरान उत्पन्न ऑक्सीजन संकट का उल्लेख करते हुए कहा गया कि उस दौर ने पूरी मानवता को शुद्ध हवा और ऑक्सीजन के महत्व का अहसास कराया। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए गांव-गांव के विद्यालयों में विधिक साक्षरता शिविरों के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाने और पौधरोपण अभियान को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
नब्या सेतु ग्रुप के अध्यक्ष अक्षत शर्मा द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से बच्चों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रतिभावान विद्यार्थियों को किया पुरस्कृत
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों की सहभागिता को प्रोत्साहित करते हुए विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार पाकर विद्यार्थियों के चेहरे पर उत्साह नजर आया।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधरोपण तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी, सामाजिक सहभागिता और प्रकृति संरक्षण की भावना विकसित करना रहा। विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ को लेने के लिए प्रेरित किया गया।
विशेष वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से ग्रामीण अंचल में यह संदेश दिया गया कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, छाया और बेहतर पर्यावरण की अमूल्य सौगात बन सकता है।



