बीएसएनएल केबल के चेंबर के लिए खुले गड्ढों से हादसे का खतरा,हाईटेक पंचायतों की राह में लापरवाही का गड्ढा! बीएसएनएल केबल के चेंबर के लिए जगह-जगह खोदे गड्ढे खुले छोड़े, सुरक्षा इंतजाम नदारद
कलयुग की कलम से राकेश यादव

बीएसएनएल केबल के चेंबर के लिए खुले गड्ढों से हादसे का खतरा,हाईटेक पंचायतों की राह में लापरवाही का गड्ढा! बीएसएनएल केबल के चेंबर के लिए जगह-जगह खोदे गड्ढे खुले छोड़े, सुरक्षा इंतजाम नदारद
कलयुग की कलम उमरिया पान – मध्य प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप पंचायतों और सरकारी कार्यालयों को हाईटेक सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में बीएसएनएल की केबल बिछाने का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में केबल लाइन बिछाने के साथ ही कुछ-कुछ दूरी पर चेंबर बनाए जाने के लिए गड्ढे खोदे गए हैं। लेकिन इन गड्ढों को खुला छोड़ दिए जाने से हादसे की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि चेंबर के लिए बनाए गए कई गड्ढों के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। न तो गड्ढों के चारों ओर सुरक्षा रिबन लगाए गए हैं और न ही स्टॉपर, बैरिकेड या चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं। गांवों में छोटे बच्चे अक्सर आसपास खेलते रहते हैं, वहीं मवेशी और अन्य पशु भी खुले में विचरण करते हैं। या रोड से गुजरने वाले वाहन चालकों को दिन में हो या रात में खुले चेंबर के लिए खोदे गए गड्ढे किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
खुले गड्ढे दे रहे हादसे को न्योता
केबल बिछाने का कार्य विकास और डिजिटल कनेक्टिविटी की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान आम लोगों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। चेंबर निर्माण के लिए जहां भी गड्ढे खोदे गए हैं, वहां कार्यस्थल की सुरक्षा के लिए स्पष्ट संकेतक, रिबन, स्टॉपर अथवा बैरिकेड लगाए जाना जरूरी है, ताकि राहगीरों और ग्रामीणों को दूर से ही खतरे का पता चल सके।
यदि खुले गड्ढे में कोई बच्चा गिर जाता है अथवा कोई पशु दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? ग्रामीणों का कहना है कि किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था को समय रहते सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
काम के साथ सुरक्षा पर भी हो ध्यान
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि बीएसएनएल केबल और चेंबर निर्माण कार्य का निरीक्षण कराया जाए तथा जहां चेंबर के लिए गड्ढे खुले पड़े हैं, वहां तत्काल सुरक्षा घेरा बनाया जाए। कार्य पूर्ण होने तक गड्ढों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और चेंबर बनने के बाद भी उसके आसपास आवश्यक सावधानी बरती जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के तहत विकास कार्य होना स्वागत योग्य है, लेकिन काम के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण कर ठेकेदार और कर्मचारियों को निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था का पालन कराने के साथ लापरवाही पर आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इन खुले चेंबरों के गड्ढों पर कब ध्यान देते हैं और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।



