आपदा से मुकाबले के लिए तैयार होंगे 150 प्रशिक्षित स्वयंसेवक,कटनी में ‘आपदा मित्र’ योजना का सात दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, भूकंप सुरक्षा और राहत-बचाव के गुर सीख रहे प्रतिभागी
कलयुग की कलम से राकेश यादव

आपदा से मुकाबले के लिए तैयार होंगे 150 प्रशिक्षित स्वयंसेवक,कटनी में ‘आपदा मित्र’ योजना का सात दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, भूकंप सुरक्षा और राहत-बचाव के गुर सीख रहे प्रतिभागी
कलयुग की कलम कटनी – जिले में आपदा के समय त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को मजबूत बनाने की दिशा में ‘आपदा मित्र’ योजना के अंतर्गत 150 स्वयंसेवकों का सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हो गया है। मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह विभाग तथा होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन मुख्यालय भोपाल के मार्गदर्शन और कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशन में आयोजित यह प्रशिक्षण 27 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक वन मंडलाधिकारी कार्यालय के प्रशिक्षण कक्ष में संचालित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ वन मंडलाधिकारी श्री गर्वित गंगवार ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं मां सरस्वती के पूजन के साथ किया। इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्री राजेंद्र सिंह बघेल तथा प्लाटून कमांडर श्री विजयांश चौधरी ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंडलाधिकारी ने कहा कि प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों को समाजहित में उपयोग करने और सेवा भाव के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के पहले दिन स्वयंसेवकों को भूकंप से संबंधित जोखिम, बचाव के उपाय और सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्री राजेंद्र सिंह बघेल ने भूकंप के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों, सुरक्षित निकासी और प्राथमिक प्रतिक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।
इसके साथ ही प्लाटून कमांडर श्री विजयांश चौधरी ने आपदा प्रबंधन की कार्यप्रणाली, राहत एवं बचाव अभियान की प्रक्रिया, समन्वय व्यवस्था तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई से जुड़े सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया।
सात दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक एवं अन्य आपदाओं से निपटने, प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव, राहत कार्य, संचार व्यवस्था और आपदा के समय सामुदायिक सहयोग जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य जिले में ऐसे प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का समूह तैयार करना है, जो किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासन के साथ मिलकर प्रभावी राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा सकें।



