प्रशासनमध्यप्रदेश

जनसुनवाई में जनता की आवाज़ बनी प्राथमिकता: 190 शिकायतों पर कलेक्टर आशीष तिवारी सख्त, अधिकारियों को दिए समयबद्ध समाधान के निर्देश

कलयुग की कलम से राकेश यादव

जनसुनवाई में जनता की आवाज़ बनी प्राथमिकता: 190 शिकायतों पर कलेक्टर आशीष तिवारी सख्त, अधिकारियों को दिए समयबद्ध समाधान के निर्देश

कलयुग की कलम कटनी – आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में कलेक्टर आशीष तिवारी ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 190 आवेदकों की समस्याएं व्यक्तिगत रूप से सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरनप्रीत कौर, अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा, एसडीएम बहोरीबंद प्रदीप मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने आवेदकों की समस्याओं का मौके पर परीक्षण किया तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया।

जनसुनवाई में सबसे अधिक आवेदन राजस्व विभाग से जुड़े रहे। इनमें भूमि विवाद, सीमांकन, नामांतरण, भूमि आवंटन, अतिक्रमण हटाने, नक्शा सुधार और अन्य राजस्व संबंधी मामलों की शिकायतें प्रमुख थीं। शिक्षा विभाग से हाईस्कूल बड़ागांव में प्रवेश नहीं मिलने का मामला सामने आया। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग से लाड़ली बहना योजना की राशि दिलाने, विद्युत विभाग से खराब ट्रांसफार्मर बदलवाने, पेंशन से जुड़े प्रकरणों में शत-प्रतिशत पेंशन एवं ग्रेच्युटी भुगतान, वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृति तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की नई सूची में नाम शामिल कराने सहित कई जनहित के आवेदन प्राप्त हुए।

कलेक्टर आशीष तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का तथ्यों के आधार पर परीक्षण कर प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है। किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के निराकरण के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सभी विभाग पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

Related Articles

Back to top button