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हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की नई पहल: संभाग स्तरीय मैराथन प्रशिक्षण में ग्राम पंचायतों को दिए संचालन और प्रबंधन के गुर,जल निगम के प्रबंध संचालक के.वी.एस. चौधरी ने साझा किए व्यावहारिक सुझाव, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने ऑनलाइन प्रबंधन और प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया

कलयुग की कलम से राकेश यादव

हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की नई पहल: संभाग स्तरीय मैराथन प्रशिक्षण में ग्राम पंचायतों को दिए संचालन और प्रबंधन के गुर,जल निगम के प्रबंध संचालक के.वी.एस. चौधरी ने साझा किए व्यावहारिक सुझाव, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने ऑनलाइन प्रबंधन और प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर

कलयुग की कलम कटनी – ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित, स्वच्छ और निर्बाध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा मध्यप्रदेश जल निगम के संयुक्त तत्वावधान में जबलपुर में संभाग स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण नल-जल योजनाओं के संचालन, संधारण और प्रबंधन संबंधी नए नियमों की जानकारी देकर उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना रहा।

कार्यशाला में मध्यप्रदेश जल निगम के प्रबंध संचालक एवं कटनी के पूर्व कलेक्टर के.वी.एस. चौधरी ने ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन की मूल अवधारणा, प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था, ग्राम पंचायतों की भूमिका, वित्तीय प्रबंधन, संचालन एवं संधारण की प्रक्रिया, जिला एवं जनपद स्तरीय समितियों की जिम्मेदारियों तथा डिजिटल एप्लीकेशन के उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों के सवालों का सरल और व्यवहारिक तरीके से समाधान भी किया।

प्रशिक्षण के दौरान सेवानिवृत्त मुख्य महाप्रबंधक पी.के. रघुवंशी तथा ग्रामीण जल नीति विशेषज्ञ प्रबल प्रताप सिंह ने पेयजल गुणवत्ता बनाए रखने, जल आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित करने और पंचायत दर्पण पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन बिलिंग एवं भुगतान प्रणाली के प्रभावी संचालन पर उपयोगी जानकारी साझा की।

मैदानी स्तर पर मजबूत क्रियान्वयन पर दिया जोर

जिला पंचायत कटनी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरनप्रीत कौर ने प्रशिक्षण सत्र में कहा कि ग्रामीण नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए हाल ही में लागू नियमों का प्रभावी पालन आवश्यक है। उन्होंने ग्राम पंचायतों द्वारा कर, शुल्क एवं प्रभार निर्धारण, ऑनलाइन देयक जारी करने की प्रक्रिया तथा नागरिकों द्वारा डिजिटल माध्यम से भुगतान की व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने पर विस्तार से अपने विचार रखे।

चार जिलों के अधिकारी हुए शामिल

संभाग स्तरीय इस कार्यशाला में जबलपुर, कटनी, डिंडोरी और नरसिंहपुर जिलों के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के जिला एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुराग मोदी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की प्रभारी कार्यपालन यंत्री मेघा मौर्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री हनुमत गुप्ता, विभिन्न जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तकनीकी अधिकारी तथा अन्य जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और टिकाऊ बनाते हुए प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना रहा।

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