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बारिश के साथ बढ़ा सर्पदंश का खतरा: पिपरिया में जहरीले सांप के डसने से युवक की मौत, प्रशासन ने  समय पर इलाज कराने की दी सलाह

कलयुग की कलम से राकेश यादव

बारिश के साथ बढ़ा सर्पदंश का खतरा: पिपरिया में जहरीले सांप के डसने से युवक की मौत, प्रशासन ने  समय पर इलाज कराने की दी सलाह

कलयुग की कलम उमरिया पान – बरसात का मौसम शुरू होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। ताजा मामला ढीमरखेड़ा विकासखंड के ग्राम पिपरिया का है, जहां जहरीले सांप के डसने से एक 32 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह घटना क्षेत्र में चिंता का विषय बन गई है और स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से सर्पदंश की स्थिति में किसी भी प्रकार के झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पिपरिया निवासी दीप्पू विश्वकर्मा (32 वर्ष), पिता ईश्वरी विश्वकर्मा, पेशे से ड्राइवर थे। सोमवार रात भोजन करने के बाद वह परिवार के साथ घर में सो गए। देर रात लगभग 2 से 2:30 बजे के बीच सोते समय उन्हें किसी जहरीले जीव के काटने का अहसास हुआ। उठकर देखने पर पलंग पर एक काला सांप दिखाई दिया। परिजनों ने उसे खोजने का प्रयास किया, लेकिन तब तक युवक की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।

परिजन तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उमरियापान लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। इस घटना से परिवार में मातम छा गया और गांव में शोक का माहौल है।

सर्पदंश होने पर क्या करें? स्वास्थ्य विभाग की सलाह

बरसात के मौसम में सांप बिलों से बाहर निकल आते हैं, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग और शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार—सर्पदंश होने पर घबराएं नहीं, पीड़ित को शांत रखें।

प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें।

झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू उपचार में समय न गंवाएं।

काटे गए स्थान पर चीरा न लगाएं, न ही जहर चूसने का प्रयास करें।

मरीज को तुरंत नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाएं।

अस्पताल में उपलब्ध एंटी स्नेक वेनम (ASV) ही सर्पदंश का वैज्ञानिक और प्रभावी उपचार है।

यदि संभव हो तो सांप का रंग या पहचान याद रखें, लेकिन उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्पदंश के अधिकांश मामलों में समय पर अस्पताल पहुंचने और एंटी स्नेक वेनम मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। इसलिए बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतना और किसी भी सर्पदंश की घटना को गंभीरता से लेना अत्यंत आवश्यक है।

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