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मझगवां में जन आक्रोश रैली: शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों और युवाओं के मुद्दों पर गरजा जनसैलाब, 19 सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापन,हजारों किसानों, युवाओं और ग्रामीणों ने निकाली रैली, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को भेजा मांगपत्र; कॉलेज, सिविल अस्पताल, नहर, बिजली और शराबबंदी की उठी मांग

कलयुग की कलम से राकेश यादव

 मझगवां में जन आक्रोश रैली: शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों और युवाओं के मुद्दों पर गरजा जनसैलाब, 19 सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापन,हजारों किसानों, युवाओं और ग्रामीणों ने निकाली रैली, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को भेजा मांगपत्र; कॉलेज, सिविल अस्पताल, नहर, बिजली और शराबबंदी की उठी मांग

कलयुग की कलम मझगवां सिहोरा – क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर गुरुवार को मझगवां में विशाल जन आक्रोश रैली निकाली गई। जुट्टा मंदिर तालाब से शुरू हुई रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बस स्टैंड पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम संबोधित 19 सूत्रीय मांगपत्र अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) एवं तहसीलदार को सौंपा।

रैली का नेतृत्व ओबीसी जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार कुर्मी ने किया। उनके साथ जिला पंचायत सदस्य एडवोकेट इंद्रकुमार पटेल, प्रदीप पटेल, जनपद सदस्य राजा पटेल सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, किसान, युवा और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, बिजली, सड़क, सिंचाई और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

रैली को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मझगवां क्षेत्र लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है, किसानों को खाद, बिजली और सिंचाई की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है तथा स्वास्थ्य सेवाएं भी पर्याप्त नहीं हैं। इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए सरकार को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

प्रमुख मांगें

मझगवां में शासकीय महाविद्यालय, आईटीआई, डीएड एवं बीएड कॉलेज की स्थापना।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल का दर्जा देकर विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति।

किसानों को पर्याप्त खाद, बीज, बिजली एवं सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना।

समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाकर 5 क्विंटल प्रति एकड़ करना।

सभी गांवों तक नहर का पानी पहुंचाना।

प्रतापपुर-भीखाखेड़ा-सिहोरा मार्ग पर हाइवा वाहनों की तेज रफ्तार पर नियंत्रण।

क्षेत्र की शराब दुकानों को बंद करना।

अघोषित बिजली कटौती रोकना एवं ओवरलोड ट्रांसफार्मर बदलना।

राजस्व संबंधी कार्यों का समयबद्ध निराकरण और गांव-गांव शिविर लगाकर रिकॉर्ड सुधार।

कृषि पंपों के स्थायी बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया सरल बनाना।

इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच, समान शिक्षा नीति लागू करने, कृषि मंडी सिहोरा में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा अन्य जनहित के मुद्दों पर भी कार्रवाई की मांग की।

रैली के समापन पर नेताओं ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने की मांग की।

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