82 स्कूलों की बदलेगी तस्वीर: 1.66 करोड़ रुपये के मरम्मत कार्यों की होगी सख्त मॉनिटरिंग मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री कौर,बारिश से पहले स्कूल भवनों को सुरक्षित बनाने जिला पंचायत की बड़ी पहल, 15 जून को समीक्षा बैठक में तय होगी कार्यों की समयसीमा
कलयुग की कलम से राकेश यादव

82 स्कूलों की बदलेगी तस्वीर: 1.66 करोड़ रुपये के मरम्मत कार्यों की होगी सख्त मॉनिटरिंग मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री कौर,बारिश से पहले स्कूल भवनों को सुरक्षित बनाने जिला पंचायत की बड़ी पहल, 15 जून को समीक्षा बैठक में तय होगी कार्यों की समयसीमा
कटनी (म.प्र)13 जून
कलयुग की कलम कटनी – जिले के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में स्वीकृत मेजर मरम्मत कार्यों को समय-सीमा में पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा और आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने संबंधित अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक 15 जून को आयोजित की है।
जिला पंचायत सभाकक्ष में शाम 4 बजे आयोजित होने वाली इस बैठक में जिला खनिज प्रतिष्ठान मद (डीएमएफ) से स्वीकृत विद्यालयों के मरम्मत कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की जाएगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी कार्य निर्धारित समय के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण हों, ताकि बारिश के मौसम में विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सुश्री कौर ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की प्रभारी कार्यपालन यंत्री तथा जनपद पंचायत कटनी, रीठी, विजयराघवगढ़ और बहोरीबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। साथ ही संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिवों एवं उपयंत्रियों को भी बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।
स्कूलों के कायाकल्प पर खर्च होंगे 1.66 करोड़ रुपये
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा हाल ही में जिले की 82 शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में मेजर मरम्मत कार्यों के लिए 1 करोड़ 66 लाख 94 हजार 100 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस राशि से विद्यालय भवनों की मरम्मत, संरचनात्मक सुधार और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।
सुरक्षित और बेहतर शिक्षण वातावरण पर जोर
जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि विद्यालय भवन सुरक्षित, सुविधायुक्त और शिक्षण के अनुकूल बनें। इसके लिए स्वीकृत कार्यों की नियमित निगरानी के साथ निर्माण गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आगामी समीक्षा बैठक में कार्यों की वर्तमान स्थिति, प्रगति और समय-सीमा को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
“बारिश से पहले स्कूल होंगे सुरक्षित, बच्चों को मिलेगा बेहतर और संरक्षित शिक्षण वातावरण”



