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जल संरक्षण से समृद्धि की ओर बढ़ता कटनी” 3,621 जल संरचनाओं ने बदली तस्वीर, गाँव-गाँव सहेजी जा रही पानी की हर बूंद,जल गंगा संवर्धन अभियान को मिली नई गति, खेत तालाब, कूप पुनर्भरण और जल संरक्षण कार्यों से मजबूत हो रहा भू-जल स्तर

कलयुग की कलम से राकेश यादव

जल संरक्षण से समृद्धि की ओर बढ़ता कटनी” 3,621 जल संरचनाओं ने बदली तस्वीर, गाँव-गाँव सहेजी जा रही पानी की हर बूंद,जल गंगा संवर्धन अभियान को मिली नई गति, खेत तालाब, कूप पुनर्भरण और जल संरक्षण कार्यों से मजबूत हो रहा भू-जल स्तर

कलयुग की कलम कटनी – जिले में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में चलाया जा रहा जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 लगातार सकारात्मक परिणाम दे रहा है। जिला प्रशासन के नेतृत्व और जिला पंचायत के समन्वित प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। अभियान के तहत अब तक जिले में 3,621 से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण एवं पुनर्जीवन कार्य पूरा किया जा चुका है, जिससे वर्षा जल के संरक्षण और भू-जल स्तर में सुधार की मजबूत आधारशिला तैयार हुई है।

गर्मी और जल संकट की चुनौतियों से निपटने के लिए जिले के विभिन्न ग्रामीण अंचलों में तालाब गहरीकरण, कुओं के पुनर्जीवन, खेत तालाब निर्माण, जल स्रोतों की सफाई, कूप पुनर्भरण तथा वाटरशेड विकास जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ अंजाम दिया जा रहा है। वर्षों से उपेक्षित पड़ी जल संरचनाओं को पुनः उपयोगी बनाकर उन्हें ग्रामीण जीवन की आवश्यकताओं से जोड़ा जा रहा है।

भू-जल बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर हुए कार्य

अभियान के अंतर्गत जिलेभर में अब तक 1,356 डगवेल रिचार्ज (कूप पुनर्भरण) कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 1,146 खेत तालाबों का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा 232 सिंचाई अधोसंरचना परियोजनाएं तथा 272 विशेष जल संरक्षण संरचनाएं भी तैयार की गई हैं, जो वर्षा जल को संरक्षित करने और जल उपलब्धता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

अमृत सरोवरों से लेकर वाटरशेड विकास तक व्यापक पहल

जल संरक्षण के इस अभियान में अब तक एक अमृत सरोवर पूर्ण रूप से तैयार हो चुका है, जबकि 11 अमृत सरोवरों पर कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही 63 जल संरचनाओं की मरम्मत, 76 स्थलों पर गैप फिलिंग प्लांटेशन, तथा 273 वाटरशेड विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं। मनरेगा सहित विभिन्न योजनाओं के समन्वय से 63 अतिरिक्त विकास कार्य भी सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं।

सतत निगरानी और जनभागीदारी से मिली सफलता

अभियान की सफलता में जिला पंचायत की सतत मॉनिटरिंग, विभागीय समन्वय और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण साबित हुई है। नियमित समीक्षा बैठकों, मैदानी निरीक्षणों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जल संरक्षण के कार्यों को गति मिली है। यही कारण है कि यह अभियान केवल शासकीय कार्यक्रम न रहकर जनसहभागिता का प्रभावी उदाहरण बनता जा रहा है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया संबल

विशेषज्ञों का मानना है कि तैयार की गई जल संरचनाएं भविष्य में जल संकट को कम करने के साथ-साथ कृषि उत्पादन बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में सहायक सिद्ध होंगी। जल संरक्षण की दिशा में उठाए गए ये कदम आने वाले वर्षों में पर्यावरण संतुलन और सतत विकास के लिए भी महत्वपूर्ण आधार बनेंगे।

“जल संरक्षण से समृद्धि की ओर बढ़ता कटनी”

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत तैयार हो रही हजारों जल संरचनाएं भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल भंडारण की मजबूत नींव बन रही हैं।

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