अंतर्वेद गांव में मगरमच्छ की दस्तक से दहशत, वन विभाग का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू
कलयुग की कलम से राकेश यादव

अंतर्वेद गांव में मगरमच्छ की दस्तक से दहशत, वन विभाग का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – जिले के ढीमरखेड़ा तहसील अंतर्गत अंतर्वेद गांव में एक विशाल मगरमच्छ की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। पिछले तीन दिनों से गांव के मुख्य तालाब में दिखाई दे रहे इस मगरमच्छ के चलते लोगों ने तालाब की ओर जाना बंद कर दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग और वन विकास निगम की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया है।
तीन दिन से तालाब में बना हुआ है ठिकाना
ग्रामीणों के अनुसार मगरमच्छ लगातार तीन दिनों से तालाब में नजर आ रहा है। कभी वह पानी की सतह पर तैरता दिखता है तो कभी किनारे पर धूप सेंकते देखा गया। यह तालाब गांव के लिए निस्तार और पशुओं के पानी पीने का मुख्य स्रोत है, जिससे खतरे की आशंका और बढ़ गई है।
तालाब के बीच लगाया गया विशेष पिंजरा
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों के मुताबिक मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने के लिए तालाब के बीचों-बीच विशेष पिंजरा लगाया गया है। टीम लगातार निगरानी कर रही है और जल्द सफलता की उम्मीद जताई जा रही है।
रेस्क्यू के बाद सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मगरमच्छ को बिना किसी नुकसान के पकड़ा जाएगा। रेस्क्यू के बाद उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा और फिर उसे मानव बस्ती से दूर किसी सुरक्षित प्राकृतिक जल स्रोत में छोड़ा जाएगा।
प्रशासन की सख्त अपील: तालाब से दूर रहें
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने तक कोई भी व्यक्ति तालाब के पास न जाए। किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। मौके पर वन विभाग की टीम सतर्कता के साथ तैनात है।



