मानसून अलर्ट: कटनी प्रशासन पूरी तरह तैयार, 15 जून से 24 घंटे सक्रिय रहेंगे कंट्रोल रूम,बाढ़, जलभराव और अतिवृष्टि से निपटने की व्यापक रणनीति तैयार; जर्जर भवन खाली कराने, खुले बोरवेल बंद करने और राहत-बचाव व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश
कलयुग की कलम से राकेश यादव

मानसून अलर्ट: कटनी प्रशासन पूरी तरह तैयार, 15 जून से 24 घंटे सक्रिय रहेंगे कंट्रोल रूम,बाढ़, जलभराव और अतिवृष्टि से निपटने की व्यापक रणनीति तैयार; जर्जर भवन खाली कराने, खुले बोरवेल बंद करने और राहत-बचाव व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश
कलयुग की कलम कटनी – आगामी मानसून सत्र को देखते हुए जिले में संभावित बाढ़, अतिवृष्टि एवं जलभराव की परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रभारी कलेक्टर सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को सतर्कता, संवेदनशीलता और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें तथा हर स्तर पर रिस्पांस टाइम न्यूनतम रखा जाए।
बैठक में वनमंडलाधिकारी गर्वित गंगवार, डिप्टी कलेक्टर विंकी सिंहमारे उइके, जिले के सभी एसडीएम तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

15 जून से चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे कंट्रोल रूम
प्रभारी कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिला स्तर के साथ-साथ विकासखंड और नगर निगम स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम 15 जून से 24 घंटे संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जलभराव या बाढ़ की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंचे और हर घटना की जानकारी जिला कंट्रोल रूम एवं आपदा प्रबंधन समूह तक तुरंत पहुंचाई जाए।
जर्जर स्कूलों और आंगनबाड़ी भवनों में नहीं लगेंगी कक्षाएं
स्कूल शिक्षा विभाग, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और जनपद पंचायतों को निर्देशित किया गया कि किसी भी जर्जर स्कूल या आंगनबाड़ी भवन में कक्षाएं संचालित न हों। साथ ही ऐसे भवनों को खाली कराकर पुनः सत्यापन कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान किसी अप्रिय घटना की संभावना न रहे।
निचले क्षेत्रों एवं जलभराव वाले स्थानों पर निर्माणाधीन भवनों और सड़कों के आसपास बैरिकेडिंग एवं चेतावनी संकेतक लगाने के निर्देश भी दिए गए।
निचले इलाकों से हटाई जाएंगी राशन और खाद की दुकानें
प्रभारी कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि पिछले वर्षों में जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्मूल्यांकन कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राशन दुकानें, उर्वरक केंद्र, डबल लॉक केंद्र एवं सहकारी समितियां ऐसे स्थानों पर संचालित हों जहां जलभराव की संभावना न हो, ताकि सामग्री सुरक्षित रह सके।
खतरनाक खदानों की होगी बैरिकेडिंग
जिला खनिज विभाग को निर्देशित किया गया कि पानी से भरने वाली एवं दुर्घटना संभावित खदानों का चिन्हांकन कर वहां सुरक्षा बैरिकेडिंग और सूचना पट्ट लगाए जाएं, जिससे जनहानि और पशुहानि को रोका जा सके।
सर्पदंश मामलों में विशेष सतर्कता
स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में एंटी-वेनम इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सर्प मित्रों की सूची मोबाइल नंबर सहित सभी पुलिस थानों में उपलब्ध रखने को कहा गया। नगर निगम एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को हैंडपंपों का क्लोरीनीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
महामारी रोकथाम और राहत शिविरों की तैयारी
बैठक में वर्षा जनित बीमारियों, डायरिया और संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए अग्रिम तैयारियां रखने पर जोर दिया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, चिकित्सकीय दल गठित करने तथा संभावित राहत शिविरों के लिए स्थान चिन्हित कर सूची तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
नाव, मोटरबोट और बचाव उपकरणों का होगा सत्यापन
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए नाव, मोटरबोट, रबर बोट और अन्य उपकरणों की उपलब्धता एवं उनकी संचालन क्षमता की जांच करने के निर्देश दिए गए। साथ ही खाद्यान्न, पेयजल, पशु चिकित्सा सुविधाएं, चारा एवं जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
खुले बोरवेल होंगे बंद, लीकेज सुधारने के निर्देश
प्रभारी कलेक्टर ने जिले के सभी खुले बोरवेलों को तत्काल बंद कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पेयजल आपूर्ति पाइप लाइनों के लीकेज सुधारने और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
राहत कार्यों के लिए तैयार होगी कुशल तैराकों की टीम
बैठक में निर्देशित किया गया कि जिला, विकासखंड और तहसील स्तर पर कुशल तैराकों की अद्यतन सूची तैयार की जाए। आवश्यकता पड़ने पर ये तैराक होमगार्ड एवं बचाव दलों के साथ मिलकर राहत एवं रेस्क्यू कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मानसून के मद्देनजर प्रशासन द्वारा की जा रही व्यापक तैयारियों का उद्देश्य संभावित आपदाओं के दौरान जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम करना तथा नागरिकों को त्वरित राहत उपलब्ध कराना है।



