प्रशासनमध्यप्रदेश

शिक्षा विभाग में सुस्ती पर चला प्रशासन का डंडा, दो बीआरसी की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश”जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने सख्त, कहा— लक्ष्य पूरे नहीं हुए तो वेतन और पदोन्नति दोनों पर पड़ेगा असर

कलयुग की कलम से राकेश यादव

शिक्षा विभाग में सुस्ती पर चला प्रशासन का डंडा, दो बीआरसी की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश”जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने सख्त, कहा— लक्ष्य पूरे नहीं हुए तो वेतन और पदोन्नति दोनों पर पड़ेगा असर

कलयुग की कलम कटनी – जिले में शैक्षणिक व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित समीक्षा बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। नामांकन मैपिंग की धीमी प्रगति और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप संतोषजनक परिणाम नहीं मिलने पर उन्होंने सख्त कार्रवाई के संकेत देते हुए सबसे कम प्रगति वाले दो विकासखंड स्त्रोत समन्वयकों (बीआरसी) की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश जारी किए।

जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में सुश्री कौर ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि परिणाम आधारित कार्य संस्कृति अपनानी होगी और निर्धारित लक्ष्यों को समयसीमा में पूरा करना अनिवार्य होगा।

90 प्रतिशत मैपिंग पर मिलेगा मई का वेतन, 100 प्रतिशत पर ही जून का भुगतान

बैठक में नामांकन मैपिंग की समीक्षा करते हुए सीईओ ने निर्देश दिए कि बीआरसी, बीएसी, जन शिक्षक एवं संबंधित शाखा प्रभारियों का मई माह का वेतन तभी आहरित किया जाए जब नामांकन मैपिंग का कार्य कम से कम 90 प्रतिशत पूर्ण हो। वहीं जून माह का वेतन शत-प्रतिशत मैपिंग पूर्ण होने के बाद ही जारी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों के वास्तविक नामांकन और शैक्षणिक अभिलेखों का अद्यतन होना शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी।

उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान में तय होगी जवाबदेही

बैठक में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की भी विस्तृत समीक्षा की गई। सुश्री कौर ने कहा कि इस अभियान की सफलता के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, बीएसी, संकुल प्राचार्य, जन शिक्षक, प्रधानाध्यापक और शिक्षकों की स्पष्ट जवाबदेही तय की जाएगी।

उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पंजीयन और परीक्षाओं में सहभागिता सुनिश्चित की जाए। यदि लक्ष्य पूरे नहीं हुए या परीक्षा में अपेक्षित उपस्थिति नहीं रही तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जर्जर स्कूल भवनों को लेकर भी दिखी सख्ती

समीक्षा के दौरान जिले के जर्जर शाला भवनों, शौचालयों और बाउंड्री वॉल को हटाने की कार्रवाई की भी विकासखंडवार समीक्षा की गई। सीईओ ने निर्देश दिए कि जहां भी ऐसे निर्माण अभी तक हटाए नहीं गए हैं, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जर्जर भवनों को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है।

पुस्तक वितरण, अपार आईडी और छात्रावास प्रवेश की भी समीक्षा

बैठक में अपार आईडी निर्माण, कक्षा पहली तथा पांचवीं से आठवीं तक के प्रवेश, पाठ्यपुस्तक वितरण, साइकिल वितरण, एफएलएन कार्यक्रम, यू-डाइस डाटा अपडेट तथा छात्रावास प्रवेश सहित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।

सुश्री कौर ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक को निर्देश दिए कि सभी कार्यों में तेजी लाकर निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित की जाए।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरि, जिला परियोजना समन्वयक प्रेम नारायण तिवारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक एवं शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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