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अब गांवों में टैक्स और शुल्क का भुगतान होगा पूरी तरह ऑनलाइन: UPI, कार्ड और नेट बैंकिंग से मिलेगी तुरंत रसीद,जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर के निर्देश—’नागरिक सेवा पोर्टल’ का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करें ग्राम पंचायतें, ई-मेल और SMS से मिलेगी भुगतान की पुष्टि

कलयुग की कलम से राकेश यादव

अब गांवों में टैक्स और शुल्क का भुगतान होगा पूरी तरह ऑनलाइन: UPI, कार्ड और नेट बैंकिंग से मिलेगी तुरंत रसीद,जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर के निर्देश—’नागरिक सेवा पोर्टल’ का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करें ग्राम पंचायतें, ई-मेल और SMS से मिलेगी भुगतान की पुष्टि

कटनी, 29 जुलाई। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने जिले की सभी जनपद पंचायतों और ग्राम पंचायतों को ‘नागरिक सेवा पोर्टल’ के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं। यह व्यवस्था पंचायत दर्पण पोर्टल के ओन सोर्स रेवेन्यू (OSR) प्रबंधन के अंतर्गत विकसित की गई है, जिससे ग्रामीण अब विभिन्न करों और शुल्कों का भुगतान घर बैठे ऑनलाइन कर सकेंगे।

सीईओ सुश्री कौर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, सरपंचों एवं ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देशित किया है कि सभी ग्राम पंचायतें अपनी लॉगिन आईडी के माध्यम से इस नई डिजिटल व्यवस्था का चरणबद्ध और अनिवार्य रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली पंचायतों की आय बढ़ाने के साथ-साथ राजस्व संग्रह प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी और सुगम बनाएगी।

गौरतलब है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा विकसित ‘नागरिक सेवा पोर्टल’ पर ऑनलाइन पेमेंट गेटवे का शुभारंभ 14 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया था। इस नई सुविधा के तहत ग्राम पंचायत क्षेत्र में संचालित बैंक, पेट्रोल पंप, वेयरहाउस, स्कूल, कॉलेज, उद्योग तथा अन्य करदायी संस्थाओं का पंजीयन कर ऑनलाइन टैक्स वसूली की प्रक्रिया संचालित की जाएगी।

अब ग्रामीण नागरिक UPI (PhonePe, Google Pay, BHIM), डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग जैसे डिजिटल माध्यमों से आसानी से भुगतान कर सकेंगे। भुगतान पूरा होते ही उन्हें डिजिटल रसीद के साथ अधिकृत ई-मेल और SMS के माध्यम से पुष्टि भी प्राप्त होगी। जिन ग्रामीणों के पास स्वयं ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध नहीं है, वे एमपी ऑनलाइन कियोस्क या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से भी इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे।

पोर्टल पर केवल ऑनलाइन भुगतान ही नहीं, बल्कि निजी भूमि पर वृक्ष काटने या गिराने की अनुमति, भवन अनुज्ञा, संपत्ति कर संबंधी जानकारी, शिकायत दर्ज कराने और फीडबैक देने जैसी कई नागरिक सेवाएं भी उपलब्ध हैं। विभाग का लक्ष्य भविष्य में ग्रामीण नागरिकों से जुड़ी सभी सेवाओं को इसी एकीकृत डिजिटल पोर्टल पर उपलब्ध कराना है।

जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने विश्वास व्यक्त किया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतें इस डिजिटल व्यवस्था का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करेंगी। इससे पंचायतों के स्वयं के राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी और बेहतर प्रदर्शन के आधार पर 16वें वित्त आयोग की परफॉर्मेंस ग्रांट प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी।

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