मुझे भी आप जैसा बनना है…” मासूम सवाल पर पिघला सीईओ का दिल, छात्रावास में बच्चों के बीच बैठकर पढ़ाया सफलता और अनुशासन का पाठ,नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर का आत्मीय संवाद, मेधावी छात्रों की प्रतिभा को सराहा, व्यवस्थाओं का किया गहन निरीक्षण
कलयुग की कलम से राकेश यादव

“मुझे भी आप जैसा बनना है…” मासूम सवाल पर पिघला सीईओ का दिल, छात्रावास में बच्चों के बीच बैठकर पढ़ाया सफलता और अनुशासन का पाठ,नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर का आत्मीय संवाद, मेधावी छात्रों की प्रतिभा को सराहा, व्यवस्थाओं का किया गहन निरीक्षण
कलयुग की कलम कटनी – नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास, रॉबर्ट लाइन में शिक्षा, प्रेरणा और संवेदनशीलता का अनूठा दृश्य देखने को मिला। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर छात्रावास पहुंचीं और बच्चों के बीच बैठकर आत्मीय संवाद किया। इसी दौरान एक छात्र ने मासूमियत से कहा, “मुझे भी आप जैसा बनना है।” यह सुनकर सीईओ ने उसे बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए अनुशासन, मेहनत और निरंतर प्रयास का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत ही मंजिल तक पहुंचाती है।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर जिले के छात्रावासों की शैक्षणिक गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा के तहत किए गए इस निरीक्षण में सुश्री कौर ने बच्चों से पढ़ाई, भविष्य और उनके लक्ष्य पर खुलकर चर्चा की। किसी ने डॉक्टर, किसी ने इंजीनियर, किसी ने पुलिस अधिकारी तो किसी ने सेना और प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा व्यक्त की। सीईओ ने सभी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आज से ही लक्ष्य तय करें और पूरी लगन के साथ उसकी तैयारी शुरू करें।
शिक्षिका की भूमिका में लिया बच्चों का शैक्षणिक परीक्षण
निरीक्षण के दौरान सुश्री कौर ने स्वयं शिक्षिका की भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों से गणित, पहाड़े, गिनती और अंग्रेजी विषय से जुड़े प्रश्न पूछे तथा पढ़ाई में उनकी रुचि को परखा। कक्षा तीसरी के छात्र मयंक ने धाराप्रवाह 17 का पहाड़ा सुनाकर सभी को प्रभावित किया, जबकि कक्षा पांचवीं के अंश पटेल ने अंग्रेजी में आत्मविश्वास के साथ अपना परिचय दिया। दोनों विद्यार्थियों की प्रतिभा से प्रभावित होकर सीईओ ने उनकी पीठ थपथपाई और शाबाशी देकर उनका उत्साह बढ़ाया। वहीं धरण सिंह, अगस्त सिंह, नितिन सिंह, प्रिंस, सत्यम और राजकुमार पटेल सहित अन्य विद्यार्थियों ने भी पूछे गए प्रश्नों के सटीक उत्तर देकर अपनी तैयारी का परिचय दिया।
खेल-खेल में पढ़ाई पर दिया जोर
शिक्षकों से चर्चा करते हुए जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुरूप खेल-खेल में पढ़ाने की पद्धति अपनाई जाए, ताकि वे पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि आनंद के साथ सीखें। उन्होंने परिणाममूलक और व्यवहारिक शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए बच्चों की बौद्धिक क्षमता विकसित करने की बात कही।
व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच, दिए सख्त निर्देश
शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सुश्री कौर ने छात्रावास की व्यवस्थाओं का भी विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं, छात्रावास परिसर, रसोईघर, भंडार गृह, शौचालय और पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और उपलब्ध संसाधनों की स्थिति का परीक्षण करते हुए वार्डन एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों के भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा और छात्रावास की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा शासन के निर्देशों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
निरीक्षण के दौरान जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) श्री प्रेम नारायण तिवारी, एपीसी सुश्री प्रीति सिंह, वार्डन श्रीमती प्रेमलता पटेल सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



