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पंचायतों की आय बढ़ाने कर वसूली अभियान तेज, अब बकायादारों की बारी! कटनी में OSR कराधान पर प्रशासन का फोकस, संपत्ति कर और जल कर की वसूली को लेकर विशेष पहल,समय पर कर जमा करें, ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में निभाएं जिम्मेदारी

कलयुग की कलम से राकेश यादव

पंचायतों की आय बढ़ाने कर वसूली अभियान तेज, अब बकायादारों की बारी! कटनी में OSR कराधान पर प्रशासन का फोकस, संपत्ति कर और जल कर की वसूली को लेकर विशेष पहल,समय पर कर जमा करें, ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में निभाएं जिम्मेदारी

कलयुग की कलम कटनी – ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनके स्वयं के राजस्व स्रोत (OSR) बढ़ाने के लिए जिले में कर निर्धारण, पंजीयन और बकाया वसूली का अभियान तेज कर दिया गया है। प्रशासन का जोर संपत्ति कर, जल कर सहित अन्य निर्धारित शुल्कों की नियमित वसूली पर है, ताकि पंचायतों की आय बढ़ने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और मूलभूत सुविधाओं के कार्यों को गति मिल सके।

कलेक्टर श्री आशीष तिवारी एवं जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर के निर्देश पर जनपद पंचायत कटनी के सीईओ श्री प्रदीप सिंह द्वारा अभियान में विशेष रुचि लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं जिला पंचायत सीईओ सुश्री कौर ग्राम पंचायतों में कर वसूली की प्रगति की लगातार समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रही हैं।

अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में संपत्तियों का पंजीयन, कर निर्धारण और बकाया राशि की वसूली पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य पंचायतों की आय के स्रोतों को मजबूत कर उन्हें विकास कार्यों के लिए आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है।

ऐसे करें कर का भुगतान, जानें पूरी प्रक्रिया

ग्राम पंचायत स्तर पर संपत्ति कर एवं अन्य निर्धारित शुल्कों के भुगतान के लिए नागरिकों को निम्न प्रक्रिया अपनानी होगी।

1. निर्धारित प्रपत्र प्राप्त करें: संबंधित संपत्ति स्वामी अपनी ग्राम पंचायत से कर निर्धारण एवं पंजीयन के लिए निर्धारित प्रपत्र प्राप्त करें।

2. संपत्ति का विवरण भरें: प्रपत्र में मकान, दुकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान अथवा अन्य संबंधित संपत्ति का आवश्यक विवरण भरकर ग्राम पंचायत में जमा करें।

3. कर देयता की जानकारी लें: पंचायत के अभिलेखों एवं लागू नियमों के अनुसार संपत्ति का पंजीयन और कर निर्धारण होने के बाद देय कर तथा बकाया राशि की जानकारी प्राप्त करें।

4. ऑनलाइन भुगतान करें: पंचायत की उपलब्ध ऑनलाइन व्यवस्था के अनुसार संबंधित वित्तीय वर्ष का QR कोड प्राप्त कर नेट बैंकिंग अथवा उपलब्ध डिजिटल भुगतान विकल्पों से निर्धारित राशि जमा करें। भुगतान से पहले वित्तीय वर्ष और देय राशि की पुष्टि अवश्य करें।

5. भुगतान की रसीद सुरक्षित रखें: राशि जमा होने के बाद भुगतान की रसीद प्राप्त कर सुरक्षित रखें। भुगतान संबंधी किसी समस्या के लिए ग्राम पंचायत सचिव से संपर्क करें।

बकाया कर नहीं जमा किया तो हो सकती है वैधानिक कार्रवाई

ग्राम पंचायतों द्वारा बकायादारों को सूचना अथवा नोटिस जारी कर निर्धारित समयसीमा में कर जमा करने के लिए कहा जा सकता है। इसके बावजूद भुगतान नहीं करने पर लागू अधिनियम एवं नियमों के तहत बकाया राशि की वसूली सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी संपत्ति एवं अन्य कर देयताओं की जानकारी ग्राम पंचायत से प्राप्त कर समय पर भुगतान करें। कर के रूप में प्राप्त राजस्व ग्राम पंचायतों में स्वच्छता, मूलभूत सुविधाओं के रखरखाव और ग्रामीण विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

समय पर कर भुगतान केवल नागरिक की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि अपने गांव के विकास में सहभागिता का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।

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