उमरिया पान कटरा बाजार वनवास से लौटे प्रभु श्रीराम का हुआ भव्य राज्याभिषेक, जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा कटरा बाजार,अयोध्या नगरी की तर्ज पर सजा रामलीला मंच, श्रीराम-सीता के राजतिलक के साथ रामलीला का हुआ विधिवत समापन
कलयुग की कलम से राकेश यादव

उमरिया पान कटरा बाजार वनवास से लौटे प्रभु श्रीराम का हुआ भव्य राज्याभिषेक, जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा कटरा बाजार,अयोध्या नगरी की तर्ज पर सजा रामलीला मंच, श्रीराम-सीता के राजतिलक के साथ रामलीला का हुआ विधिवत समापन
कलयुग की कलम उमरिया पान – नगर के कटरा बाजार में सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति द्वारा आयोजित रामलीला में प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक का भव्य एवं भावपूर्ण मंचन किया गया। 14 वर्ष का वनवास पूर्ण कर लंका विजय के बाद अयोध्या लौटे प्रभु श्रीराम के स्वागत और राज्याभिषेक के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को रामभक्ति से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर अयोध्या नगरी की तर्ज पर साज-सज्जा की गई, जहां प्रभु श्रीराम के आगमन और राजतिलक का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा।
रामलीला के अंतिम प्रसंग में प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण जी एवं हनुमान जी की उपस्थिति में राज्याभिषेक की विधियां संपन्न की गईं। सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी का तिलक-वंदन कर आरती की तथा उनका आशीर्वाद लिया। पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से भर उठा। भगवान श्रीराम के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने मर्यादा पुरुषोत्तम के आदर्शों को याद किया।
समिति ने रामलीला कलाकारों को सौंपी दक्षिणा
रामलीला के सफल आयोजन एवं समापन के अवसर पर सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति के अध्यक्ष सुभाष (पांडे) चौरसिया, संरक्षक बसोरी चौरसिया एवं समिति के अन्य सदस्यों ने प्रभु श्रीराम का स्वरूप धारण करने वाले कलाकार सहित रामलीला के कलाकारों का सम्मान किया। परंपरा के अनुसार प्रभु श्रीराम के हाथों में दक्षिणा सौंपी गई। यह क्षण रामलीला से जुड़े कलाकारों के प्रति सम्मान, श्रद्धा और आभार प्रकट करने का प्रतीक बना।

रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और धर्म की विजय का संदेश दिया गया। वनवास से अयोध्या वापसी और राज्याभिषेक के प्रसंग ने उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया। रामलीला का विधिवत समापन भक्तिमय वातावरण में हुआ।
इस अवसर पर राजेश राजा चौरसिया, विजय दुबे, जयप्रकाश चौरसिया, शैलेंद्र पौराणिक, प्रमोद असाटी, मुन्नू गौतम, अवधेश कटारिया, नंदू नामदेव, आशीष चौरसिया, शिवा चौरसिया सहित समिति के अन्य सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।



