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त्योहारों में जरा भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं! कार्बाइड गन से लेकर मिलावटी मिठाइयों तक पर CM का कड़ा रुख,मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर-एसपी को दिए सख्त निर्देश, बोले—किसी भी अप्रिय घटना के लिए जिले के अधिकारी होंगे जिम्मेदार

कलयुग की कलम से राकेश यादव

त्योहारों में जरा भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं! कार्बाइड गन से लेकर मिलावटी मिठाइयों तक पर CM का कड़ा रुख,मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर-एसपी को दिए सख्त निर्देश, बोले—किसी भी अप्रिय घटना के लिए जिले के अधिकारी होंगे जिम्मेदार

कलयुग की कलम कटनी – दीपावली सहित आगामी त्योहारों और धार्मिक आयोजनों को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप के खतरनाक इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाने के साथ पटाखों की अवैध बिक्री, विस्फोटक सामग्री के अनधिकृत भंडारण और खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी जिले में अप्रिय स्थिति निर्मित होने पर संबंधित कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री बुधवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के कलेक्टरों, संभागायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और पुलिस महानिरीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और आपातकालीन प्रबंधन की तैयारियां समय रहते पूरी करने तथा सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

कटनी के अधिकारियों ने भी बैठक में की सहभागिता

कटनी कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष से कलेक्टर आशीष तिवारी, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर और नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य, डिप्टी कलेक्टर प्रमोद चतुर्वेदी, लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन यंत्री शारदा सिंह, अधीक्षक भू-अभिलेख मुन्नालाल तिवारी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए आगामी त्योहारों के लिए जिलों में की जा रही तैयारियों की जानकारी ली।

कार्बाइड गन और लैंप पर सख्ती, जानलेवा हादसों का खतरा

मुख्यमंत्री ने कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप के उपयोग को गंभीर खतरा बताते हुए इनके इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार किए जाने वाले ऐसे उपकरण लोगों की जान और स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।

कार्बाइड गन में कैल्शियम कार्बाइड पानी के संपर्क में आने पर एसीटिलीन गैस उत्पन्न करता है। यह गैस अत्यधिक ज्वलनशील होती है और चिंगारी मिलने पर विस्फोट कर सकती है। विस्फोट के दौरान निकलने वाले प्लास्टिक और धातु के टुकड़ों से आंखों, चेहरे तथा शरीर पर गंभीर चोट लगने के साथ आग से झुलसने का खतरा भी रहता है। ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।

पटाखा दुकानों का होगा निरीक्षण, अवैध भंडारण पर कार्रवाई

दीपावली के दौरान पटाखों की दुकानों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाइसेंस जारी करते समय निर्धारित शर्तों का कड़ाई से पालन कराया जाए। दुकानों का भौतिक सत्यापन और नियमित निरीक्षण किया जाए तथा विस्फोटक सामग्री के अवैध भंडारण पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई हो।

प्रतिबंधित पटाखों की खरीद-बिक्री, भंडारण और उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखने के साथ भीड़भाड़ वाले बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई जाए। असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने, नियमित पेट्रोलिंग करने और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटाखों के कारोबार से जुड़े छोटे व्यापारियों को अनावश्यक परेशान न किया जाए, लेकिन सुरक्षा के मामले में कोई समझौता भी नहीं होना चाहिए।

आगजनी या हादसे से निपटने के लिए पहले से रहें तैयार

त्योहारों के दौरान संभावित दुर्घटनाओं से निपटने के लिए संवेदनशील स्थानों पर अग्निशमन वाहन, आवश्यक उपकरण और प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रमुख स्थानों पर एंबुलेंस की व्यवस्था रखने तथा आसपास के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही चिकित्सकों की ड्यूटी निर्धारित करने और शहरों एवं कस्बों के प्रमुख मार्गों तथा संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने जिलों की तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

मिलावटी मावा, घी, पनीर और मिठाइयां बेचने वालों की खैर नहीं

त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने खाद्य सुरक्षा विभाग को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाजार में नकली या मिलावटी मावा, घी, पनीर और मिठाइयों की बिक्री नहीं होने दी जाए। खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण कर संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाएं और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।

बैठक में विभागीय जानकारी के अनुसार, मिलावट के मामलों में अब तक 17 लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं, जबकि 42 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने जिलों में विशेष दल गठित कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखने को कहा। अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ तैयार करने और बेचने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि जांच और नमूने लेने की प्रक्रिया निष्पक्ष हो तथा व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।

संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी

मुख्यमंत्री ने सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के दौरान साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, आवश्यक प्रतिबंधात्मक कदम उठाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए। सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा गया, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण, सुरक्षित और दुर्घटनारहित वातावरण में संपन्न हो सकें।

बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल, संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की तैयारियों की जानकारी दी।

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