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उमरियापान में गूंजा जय श्रीराम का जयघोष, प्रभु श्रीराम ने किया रावण का अंत! कटरा बाजार की सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति के रामलीला मंचन में लक्ष्मण शक्ति से रावण वध तक के प्रसंगों ने बांधा समां, झंडा चौक पर प्रोजेक्टर से दिखाई गई रामायण

कलयुग की कलम से राकेश यादव

उमरियापान में गूंजा जय श्रीराम का जयघोष, प्रभु श्रीराम ने किया रावण का अंत! कटरा बाजार की सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति के रामलीला मंचन में लक्ष्मण शक्ति से रावण वध तक के प्रसंगों ने बांधा समां, झंडा चौक पर प्रोजेक्टर से दिखाई गई रामायण

कलयुग की कलम उमरिया पान – बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश लेकर आए विजयादशमी पर्व पर उमरियापान में भक्ति, आस्था और राममय वातावरण देखने को मिला। कटरा बाजार स्थित सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति के रामलीला मंच पर कलाकारों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का जीवंत मंचन किया। लक्ष्मण शक्ति प्रसंग के बाद भगवान श्रीराम और रावण के बीच हुए युद्ध तथा रावण वध के मंचन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। जैसे ही प्रभु श्रीराम ने रावण का वध किया, पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।

रामलीला मंचन देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं, बच्चियों सहित आसपास के दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को खास बना दिया। कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर दिया। युद्ध के दृश्यों और अधर्म पर धर्म की विजय के संदेश ने दर्शकों को भगवान श्रीराम के आदर्शों की याद दिलाई।

लक्ष्मण शक्ति से रावण वध तक रामलीला ने बांधा समां

रामलीला में लक्ष्मण शक्ति प्रसंग के बाद युद्ध की घटनाओं का मंचन किया गया। इसके बाद भगवान श्रीराम और रावण के बीच भीषण युद्ध का दृश्य प्रस्तुत हुआ। अंततः प्रभु श्रीराम के हाथों रावण का वध हुआ और बुराई के अंत के साथ धर्म की विजय का संदेश दिया गया। रामलीला के दौरान दर्शक पूरे उत्साह के साथ मंचन देखते रहे। धार्मिक प्रसंगों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

झंडा चौक पर प्रोजेक्टर से दिखाई गई रामायण, उमड़ी दर्शकों की भीड़

नगर के झंडा चौक पर भी प्रोजेक्टर के माध्यम से रामायण का प्रदर्शन किया गया। इसमें कुंभकरण वध से लेकर रावण वध तक के प्रसंग दिखाए गए। खुले स्थान पर रामायण देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक ने उत्साहपूर्वक रामायण के प्रसंगों का आनंद लिया। परिवारों के साथ पहुंचे लोगों ने भी धार्मिक आयोजन में सहभागिता की। कटरा बाजार और झंडा चौक पर रामायण मंचन तथा प्रोजेक्टर प्रदर्शन के माध्यम से नगर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

आज वनवास से वापसी और श्रीराम के राजतिलक का होगा मंचन

रामलीला के अगले प्रसंग में भगवान श्रीराम के वनवास से अयोध्या लौटने और उनके राजतिलक का मंचन किया जाएगा। प्रभु श्रीराम की वापसी, भरत मिलाप और अयोध्या में खुशियों के वातावरण से जुड़े प्रसंग रामायण की भावनात्मक और प्रेरणादायी कथा को आगे बढ़ाएंगे। श्रद्धालुओं को इन प्रसंगों का इंतजार है।

उमरियापान में रामलीला मंचन और प्रोजेक्टर के माध्यम से रामायण के प्रदर्शन ने एक बार फिर धार्मिक परंपराओं के प्रति लोगों की आस्था को दर्शाया। आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, सत्य, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिली। विजयादशमी का यह पर्व लोगों को संदेश दे गया कि अन्याय और अहंकार कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।

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