सड़क पर मौत का साया! आवारा गोवंश बन रहे हादसों का शिकार, वाहन चालक भी हो रहे चोटिल,उमरियापान-बम्हनी क्षेत्र में बढ़ी समस्या, ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर गोवंश के संरक्षण और गौशाला भेजने की व्यवस्था की मांग उठाई
कलयुग की कलम से राकेश यादव

सड़क पर मौत का साया! आवारा गोवंश बन रहे हादसों का शिकार, वाहन चालक भी हो रहे चोटिल,उमरियापान-बम्हनी क्षेत्र में बढ़ी समस्या, ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर गोवंश के संरक्षण और गौशाला भेजने की व्यवस्था की मांग उठाई
कलयुग की कलम उमरिया पान -बम्हनी/उमरियापान और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर खुलेआम घूम रहे आवारा गोवंश अब इंसानों के साथ-साथ स्वयं मवेशियों के लिए भी गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। मुख्य मार्गों और गांव की सड़कों पर झुंड के रूप में बैठे या घूमते मवेशियों के कारण आए दिन वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क पर मौजूद गोवंश दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
बम्हनी में दर्दनाक हादसा, बछड़े की मौत
बम्हनी गांव में रात के समय एक आवारा गाय के बछड़े को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बछड़े की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सुबह जब मोहल्ले के लोगों की नजर सड़क पर पड़ी तो बछड़ा गंभीर रूप से घायल अवस्था में मृत पड़ा मिला। घटना के बाद ग्रामीणों में आवारा मवेशियों की बढ़ती समस्या को लेकर चिंता देखी गई।
बाइक सवार भी हो रहे चोटिल
ग्रामीणों का कहना है कि सड़कों पर अचानक मवेशियों के झुंड आ जाने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बना रहता है। कई बार वाहन चालक मवेशियों को बचाने के प्रयास में अपना संतुलन खो बैठते हैं और चोटिल हो जाते हैं। वहीं तेज रफ्तार भारी वाहनों की चपेट में आने से गोवंश की भी मौत हो रही है।
पंचायत स्तर पर बने ठोस व्यवस्था की जरूरत
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा एवं घुमंतू गोवंश को लेकर पंचायत स्तर पर स्पष्ट गाइडलाइन जारी की जाए। सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को व्यवस्थित तरीके से चिन्हित कर गौशालाओं में पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। साथ ही संबंधित पंचायतों और जिम्मेदार विभागों को इसकी नियमित निगरानी की जिम्मेदारी दी जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते प्रशासन द्वारा ठोस कदम उठाए गए तो गोवंश की जान बचाने के साथ-साथ वाहन चालकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।



