उमरियापान-ढीमरखेड़ा समेत कटनी जिले को मिली भरपूर खाद, 600 एमटी यूरिया और 440 एमटी डीएपी की खेप पहुंची,किसानों को जरूरत के मुताबिक मिलेगा उर्वरक, कलेक्टर आशीष तिवारी ने ई-टोकन से वितरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
कलयुग की कलम से राकेश यादव

उमरियापान-ढीमरखेड़ा समेत कटनी जिले को मिली भरपूर खाद, 600 एमटी यूरिया और 440 एमटी डीएपी की खेप पहुंची,किसानों को जरूरत के मुताबिक मिलेगा उर्वरक, कलेक्टर आशीष तिवारी ने ई-टोकन से वितरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
कलयुग की कलम उमरिया पान – जिले में किसानों को उर्वरक की उपलब्धता को लेकर राहत की खबर है। प्रशासन के प्रयासों से कटनी जिले को 600 मीट्रिक टन यूरिया और 440 मीट्रिक टन डीएपी की नई खेप प्राप्त हुई है। इससे उमरियापान-ढीमरखेड़ा सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार खाद उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने उर्वरक वितरण व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ई-टोकन के माध्यम से ही खाद का वितरण कराया जाए, ताकि व्यवस्था पारदर्शी रहे और किसानों को अनावश्यक परेशानी न हो।
इन केंद्रों पर पहुंचा यूरिया
जिला विपणन अधिकारी आनंद नारायण पांडेय के अनुसार बहोरीबंद और बरही डबल लॉक केंद्र को 90-90 मीट्रिक टन, जबकि स्लीमनाबाद डबल लॉक केंद्र को 30 मीट्रिक टन यूरिया आवंटित किया गया है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कटनी को 150 मीट्रिक टन तथा एमपी एग्रो कटनी को 30 मीट्रिक टन यूरिया दिया गया है।
इसके अलावा सीएमएस कटनी, सीएमएस उमरियापान-ढीमरखेड़ा, सीएमएस रीठी, सीएमएस बड़वारा, सीएमएस बाकल, सीएमएस स्लीमनाबाद और सीएमएस ढीमरखेड़ा को 30-30 मीट्रिक टन यूरिया आवंटित किया गया है।
डीएपी का भी किया गया वितरण
इसी क्रम में कटनी डबल लॉक केंद्र और मझगवां-बड़वारा डबल लॉक केंद्र को 90-90 मीट्रिक टन, जबकि बरही डबल लॉक केंद्र को 30 मीट्रिक टन डीएपी आवंटित की गई है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कटनी को 150 मीट्रिक टन तथा एमपी एग्रो कटनी को 30 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराई गई है।
प्रशासन का कहना है कि उर्वरक की इस उपलब्धता से जिले के किसानों को जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।
व्हाट्सएप बॉट से घर बैठे मिलेगी टोकन संबंधी जानकारी
किसानों की सुविधा के लिए ई-विकास 2.0 के तहत व्हाट्सएप बॉट के माध्यम से ई-टोकन जनरेट करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। किसान व्हाट्सएप पर “हेल्प” या “मदद” लिखकर टोकन, रिटेलर, उर्वरक, उठाव की तिथि और टोकन की वैधता सहित जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। निर्धारित प्रक्रिया के तहत किसान ई-टोकन के माध्यम से उर्वरक का क्रय कर सकेंगे।
संतुलित मात्रा में खाद इस्तेमाल करने की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे मिट्टी के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों का संतुलित मात्रा में उपयोग करें। आवश्यकता से अधिक खाद डालने से कृषि लागत बढ़ने के साथ जमीन की उर्वरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसानों से उपलब्ध उर्वरक का आवश्यकता के अनुसार ही उपयोग करने की अपील की गई है।



