आवेदनों को सिर्फ दर्ज नहीं, न्यायसंगत समाधान तक पहुंचाएं अधिकारी : कलेक्टर श्री तिवारी,समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश, पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर
कलयुग की कलम से राकेश यादव

आवेदनों को सिर्फ दर्ज नहीं, न्यायसंगत समाधान तक पहुंचाएं अधिकारी : कलेक्टर श्री तिवारी,समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश, पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर
कलयुग की कलम कटनी – कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 135 आवेदकों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें कलेक्टर आशीष तिवारी के समक्ष रखीं। कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदक की समस्या को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रकरणों का तथ्यात्मक परीक्षण कर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा, एसडीएम कटनी जितेन्द्र पटेल, डिप्टी कलेक्टर प्रमोद चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।
आवास से लेकर बिजली बिल और ऑनलाइन ठगी तक पहुंचीं शिकायतें
जनसुनवाई में तिलक कॉलेज प्रेमनगर निवासी राकेश चौधरी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का लाभ दिलाने की मांग की। ग्राम खम्हरिया निवासी सौरभ साहू ने डाटा एंट्री ऑपरेटर की आउटसोर्स नियुक्ति में कथित अनियमितता की जांच कर नियमानुसार नियुक्ति किए जाने की मांग रखी। कटनी निवासी दिव्यांत गर्ग ने आउटसोर्स संगीत शिक्षक को विद्यालय में ज्वाइनिंग नहीं दिए जाने का मामला सामने रखा।
इसी तरह रोशन नगर निवासी सोनम खटीक ने आईएचडी योजना के अंतर्गत आवंटित भवन से कब्जा खाली कराने, रीठी निवासी छात्रा प्रियांशी साहू ने कक्षा आठवीं की अंकसूची में समग्र आईडी में सुधार कराने संबंधी आवेदन दिया।
ग्राम जगुआ निवासी सोमवती ने मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना में संबल कार्ड की अपात्रता समाप्त कर पात्रता प्रदान करने तथा पति की दुर्घटना में मृत्यु पर अनुग्रह सहायता राशि दिलाने की मांग की। ग्राम हुँगरिया निवासी भागवती बाई ने बिजली मीटर की जांच कराकर बिजली बिल माफ कराने तथा पुरानी बस्ती कटनी निवासी नीरज उपाध्याय ने ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत पर कार्रवाई के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।
बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाएं नागरिक
कलेक्टर आशीष तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदन केवल दर्ज करने तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि प्रत्येक प्रकरण का न्यायसंगत और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्हें निर्धारित समय में राहत उपलब्ध कराई जाए।
कलेक्टर ने विभागवार लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा और जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को तकनीकी या प्रक्रियागत कारणों से अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ समय पर मिले, यह संबंधित विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।



