हिंदी पखवाड़े में पुस्तक प्रदर्शनी किताबों में सजी हिंदी की समृद्ध विरासत, ढीमरखेड़ा महाविद्यालय में लगी पुस्तक प्रदर्शनी हिंदी पखवाड़े के तहत विद्यार्थियों ने देखीं हिंदी भाषा की महत्वपूर्ण पुस्तकें, पुस्तकों के महत्व पर हुआ सार्थक संवाद
कलयुग की कलम से राकेश यादव

हिंदी पखवाड़े में पुस्तक प्रदर्शनी किताबों में सजी हिंदी की समृद्ध विरासत, ढीमरखेड़ा महाविद्यालय में लगी पुस्तक प्रदर्शनी हिंदी पखवाड़े के तहत विद्यार्थियों ने देखीं हिंदी भाषा की महत्वपूर्ण पुस्तकें, पुस्तकों के महत्व पर हुआ सार्थक संवाद
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा में राष्ट्रीय हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत महाविद्यालय के ग्रंथालय में हिंदी भाषा की पुस्तकों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। 14 से 28 सितंबर तक चलने वाले हिंदी पखवाड़े के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य एवं पुस्तकों के अध्ययन के प्रति प्रोत्साहित करना रहा।
महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. बृजलाल अहिरवार के मार्गदर्शन एवं भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. मनीषा व्यास के निर्देशन में आयोजित पुस्तक प्रदर्शनी में हिंदी भाषा और साहित्य से जुड़ी विभिन्न पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया।
महाविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान डॉ. मनीषा व्यास ने विद्यार्थियों से पुस्तकों के महत्व, नियमित अध्ययन की उपयोगिता तथा हिंदी भाषा के समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप को लेकर संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को पुस्तकों से जुड़ने और अध्ययन को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
पुस्तकें ज्ञान का सशक्त माध्यम
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल दौर में भले ही पढ़ने के माध्यम तेजी से बदल रहे हों, लेकिन पुस्तकों का महत्व आज भी कायम है। पुस्तकें न केवल ज्ञान का भंडार हैं, बल्कि व्यक्ति के विचारों, व्यक्तित्व और दृष्टिकोण को भी समृद्ध करती हैं। हिंदी दिवस जैसे अवसर विद्यार्थियों को अपनी भाषा, साहित्य और संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
इस अवसर पर डॉ. राजाराम सिंह, डॉ. श्वेता सिंह बघेल, राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार नागवंशी, डॉ. स्मिता परसाई, डॉ. आकृति, श्री युवराज तिवारी, काव्या साहू सहित महाविद्यालय के स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



