गांवों के विकास की नई तस्वीर तैयार करने जुटीं ग्राम सभाएं,शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल से लेकर योजनाओं के लाभार्थियों तक पर हुआ मंथन
कलयुग की कलम से राकेश यादव

गांवों के विकास की नई तस्वीर तैयार करने जुटीं ग्राम सभाएं,शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल से लेकर योजनाओं के लाभार्थियों तक पर हुआ मंथन
कलयुग की कलम कटनी – जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और गांवों की प्राथमिक आवश्यकताओं को विकास योजनाओं में शामिल करने के उद्देश्य से सोमवार को विभिन्न ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। ग्राम सभाओं में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लेकर गांव के विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी और आगामी कार्यों के लिए सुझाव दिए।
गौरतलब है कि कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 15 से 20 अगस्त तक चरणबद्ध तरीके से ग्राम सभाएं आयोजित की जा रही हैं। ग्राम सभाओं में निर्धारित नोडल अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर स्थानीय समस्याओं और विकास की प्राथमिकताओं को समझने का प्रयास किया जा रहा है। जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने भी ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
विकास योजना पर ग्रामीणों ने रखे सुझाव
सोमवार को आयोजित ग्राम सभाओं में वर्ष 2026 की ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) सहित विभिन्न विकास कार्यों पर चर्चा हुई। 15वें वित्त आयोग की टाइड मद से उपलब्ध राशि के बेहतर उपयोग के लिए पूरक कार्ययोजना तैयार करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित नल-जल योजनाओं के संचालन और रखरखाव को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन, व्हीबी-जी राम जी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण और ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना से संबंधित विषयों पर चर्चा करते हुए पात्र हितग्राहियों के चयन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर ग्रामीणों से सुझाव लिए गए।
मूलभूत सुविधाओं पर खुलकर बोले ग्रामीण
ग्राम सभाओं में महिलाओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी देखने को मिली। ग्रामीणों ने गांव में आवश्यक निर्माण कार्य, सड़क, आवागमन, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे अधिकारियों के समक्ष रखे। कई ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर सामने आ रही समस्याओं के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराने की आवश्यकता बताई।
ग्राम सभाओं में हुए संवाद से गांवों की वास्तविक जरूरतों और स्थानीय प्राथमिकताओं को विकास योजनाओं में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार हुआ। अधिकारियों ने निर्धारित एजेंडे के साथ स्थानीय विषयों पर भी ग्रामीणों की राय सुनी, ताकि विकास कार्यों की रूपरेखा जमीनी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की जा सके।



