नौकरी मांगने से आगे बढ़ें, रोजगार देने वाले बनें—कलेक्टर,ढीमरखेड़ा में उद्यमियों और युवाओं से सीधा संवाद, स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ने का दिया संदेश; पात्र हितग्राहियों को योजनाओं के तहत ऋण वितरित
कलयुग की कलम से राकेश यादव

नौकरी मांगने से आगे बढ़ें, रोजगार देने वाले बनें—कलेक्टर,ढीमरखेड़ा में उद्यमियों और युवाओं से सीधा संवाद, स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ने का दिया संदेश; पात्र हितग्राहियों को योजनाओं के तहत ऋण वितरित
कलयुग की कलम कटनी ढीमरखेड़ा – मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत सभाकक्ष में उद्यमियों, युवाओं और प्रशासन के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय उद्यमियों ने अपने व्यवसाय से जुड़े अनुभव और चुनौतियां साझा कीं, वहीं अधिकारियों ने युवाओं को सरकारी स्वरोजगार एवं उद्योग प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को ऋण भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में जबलपुर एमपीआईडीसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनिल राठौर, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा एवं वनमंडलाधिकारी गर्वित गंगवार ने उद्यमियों से चर्चा कर उनके व्यवसाय, समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र की महाप्रबंधक ज्योति सिंह, स्थानीय उद्यमी, समाजसेवी तथा आईटीआई के विद्यार्थी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
उद्यमियों की समस्याओं पर हुआ खुला संवाद
कलेक्टर आशीष तिवारी ने स्थानीय उद्यमियों से उनके व्यवसाय की स्थिति, सामने आ रही चुनौतियों और भविष्य में विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने युवाओं से कहा कि वर्तमान समय में केवल नौकरी तलाशने तक सीमित रहने के बजाय रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने युवाओं को अपनी रुचि और कौशल के अनुसार व्यवसाय शुरू करने तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया। अधिकारियों ने स्वरोजगार, उद्योग स्थापना और वित्तीय सहायता से संबंधित योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र हितग्राहियों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
स्व-सहायता समूह ने सरोज को दी आर्थिक ताकत
ग्राम मुड़वारी की महिला उद्यमी सरोज कुर्मी ने कार्यक्रम में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके आर्थिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आया और उनमें आत्मविश्वास के साथ नई पहचान भी विकसित हुई।
सरोज ने बताया कि मुद्रा योजना के माध्यम से एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिसका उपयोग उन्होंने अपना व्यवसाय संचालित करने में किया। व्यवसाय में उनकी बेटियां भी सहयोग कर रही हैं। उनका अनुभव सुनकर उपस्थित लोगों को स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण की संभावनाओं की जानकारी मिली।
आईटीआई विद्यार्थियों से बोले कलेक्टर—कौशल को बनाएं कमाई का जरिया
कार्यक्रम में कलेक्टर ने आईटीआई विद्यार्थियों से भी संवाद किया और उनके करियर तथा स्वरोजगार से जुड़े विचार जाने। कुछ विद्यार्थियों ने स्वयं का व्यवसाय शुरू करने की इच्छा व्यक्त की।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को मेहनत, लगन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा अपने हुनर को केवल प्रमाणपत्र तक सीमित न रखें, बल्कि उसका उपयोग स्वरोजगार और व्यवसाय खड़ा करने में करें। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।
सरकारी योजनाओं से आत्मनिर्भरता की ओर कदम
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और उद्यमियों को शासन की योजनाओं से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना रहा। संवाद के दौरान यह संदेश दिया गया कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों, कौशल और सरकारी सहायता का सही उपयोग कर युवा स्वयं के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार कर सकते हैं।



