जन विश्वास अभियान में लापरवाही पर सख्त चेतावनी सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर बोलीं— हर पात्र हितग्राही तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, अधूरे विकास कार्य मिशन मोड में पूरे करें
कलयुग की कलम से राकेश यादव

जन विश्वास अभियान में लापरवाही पर सख्त चेतावनी सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर बोलीं— हर पात्र हितग्राही तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, अधूरे विकास कार्य मिशन मोड में पूरे करें
कलयुग की कलम कटनी – जिले में 7 अगस्त से शुरू होकर 8 जनवरी 2027 तक चलने वाले “मुख्यमंत्री-जन विश्वास अभियान 2026” को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अभियान की ग्रामीण क्षेत्र की नोडल अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अभियान के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र व्यक्ति तक हर हाल में पहुंचे।
बैठक में कहा गया कि अभियान के तहत निर्धारित क्लस्टर मुख्यालयों पर आयोजित शिविरों की जानकारी संबंधित ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों तक समय रहते पहुंचाई जाए। व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को शिविरों तक लाकर उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी होगी।
सीईओ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों से पहले और अभियान के दौरान प्राप्त होने वाले आवेदन एवं शिकायतों का त्वरित परीक्षण किया जाए। जिन मामलों का मौके पर निराकरण संभव हो, उनका तत्काल समाधान किया जाए, जबकि शेष प्रकरणों के लिए समय-सीमा तय कर आवेदकों को जानकारी देने के साथ उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर भी विशेष जोर दिया गया। सुश्री कौर ने कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए, क्योंकि जिले की रैंकिंग इसी आधार पर तय होती है।
समीक्षा के दौरान उन्होंने जनपद पंचायतवार निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति का आकलन करते हुए वर्षों से लंबित परियोजनाओं को मिशन मोड में पूरा कराने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास, श्रम तथा विद्युत विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधूरे आंगनबाड़ी भवन, बाल सुलभ शौचालय, रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य तथा मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
ग्राम पंचायतों की नल-जल योजनाओं से जुड़े विद्युत कनेक्शन एवं बकाया बिजली बिलों की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनपद पंचायतों के समन्वय से लंबित मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि पेयजल योजनाओं का संचालन प्रभावित न हो।
बैठक में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण), श्रम बजट, युक्तिधारा पोर्टल, मध्याह्न भोजन योजना, मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, 15वें वित्त आयोग के कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुराग मोदी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग की प्रभारी कार्यपालन यंत्री मेघा मौर्य, परियोजना अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, ऋषिराज चढ़ार, सहायक परियोजना अधिकारी विजयलक्ष्मी मरावी, मृगेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी योगेंद्र कुमार असाटी सहित सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक यंत्री, उपयंत्री, एपीओ, एएओ एवं एनआरएलएम के खंड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।



