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प्रदेशभर में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू पांच सूत्रीय मांगों पर अड़े पटवारी, बस्ते और अभिलेख तहसीलों में जमा कर कार्य बहिष्कार का ऐलान कटनी जिला कार्यकारी अध्यक्ष अनिल सिंह बागरी बोले— मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन, राजस्व कार्य प्रभावित होने के आसार

कलयुग की कलम से राकेश यादव

प्रदेशभर में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू पांच सूत्रीय मांगों पर अड़े पटवारी, बस्ते और अभिलेख तहसीलों में जमा कर कार्य बहिष्कार का ऐलान कटनी जिला कार्यकारी अध्यक्ष अनिल सिंह बागरी बोले— मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन, राजस्व कार्य प्रभावित होने के आसार

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – मध्यप्रदेश पटवारी संघ द्वारा लंबित पांच सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग को लेकर सोमवार से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई है। चरणबद्ध आंदोलन के तहत प्रदेश के सभी पटवारियों ने अपने-अपने बस्ते एवं शासकीय अभिलेख संबंधित तहसील कार्यालयों में जमा कर कार्य का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लागू कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, 2 अगस्त 2026 को भोपाल में मध्यप्रदेश पटवारी संघ के जिलाध्यक्षों एवं पदाधिकारियों की बैठक आयोजित हुई थी। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि शासन द्वारा लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो 3 अगस्त 2026 से प्रदेशभर के सभी पटवारी अपने बस्ते और अभिलेख संबंधित तहसीलदारों को सौंपकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

इसी निर्णय के तहत सोमवार से प्रदेशभर में हड़ताल शुरू हो गई। आंदोलन के कारण नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, फसल संबंधी प्रतिवेदन, राजस्व अभिलेखों के अद्यतन सहित कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।

मध्यप्रदेश पटवारी संघ, कटनी के कार्यकारी जिला अध्यक्ष अनिल सिंह बागरी ने बताया कि संघ लंबे समय से अपनी पांच सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग कर रहा है, लेकिन अब तक शासन स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि इसी कारण पूरे प्रदेश के पटवारी बस्ते जमा कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।

पटवारी संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं आम नागरिकों को राजस्व संबंधी कार्यों में विलंब का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन और शासन की आगामी पहल पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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